कोरोना महामारी के प्रभाव से शादी समारोह की रौनक एवं आयोजनकर्ताओं में जोश फीका पड़ गया है, बेटे-बेटियों की धूमधाम से शादी करने एवं गांव को जीमाणे का सपना कोरोना ने धो दिया है। शादियां हो रही है, लेकिन अब कड़े कायदे कानून की पालना के बीच। विवाह पूर्व होने वाले भात, चाक समेत नाच गाने के कार्यक्रम भी अब बंद वाटिका या कमरों में हो रहे है।
जिला प्रशासन ने विवाह समारोह में शामिल होने की संख्या अधिकतम ५० तय कर रखी है। डीजे एवं बैंड के उपयोग पर रोक है, घोडी व आतिशबाजी को लेकर कड़ी शर्ते है, शादी समारोह का रिस्पेशन खुले सड़क में करने पर जुर्माना हो सकता है।