भीलवाड़ा।
वस्त्रनगरी व मेडिकल हब बन चुके भीलवाड़ा का नाम यहां के सीए भी रोशन करने में लगे हैं। अपने कौशल के दम पर भीलवाड़ा के सीए कई देश-प्रदेशों में अच्छे ओहदों पर है। लगातार बढ़ रहे टेक्सटाइल उद्योग, जीएसटी व अन्य उद्योगों के कारण सीए की डिमांड बढ़ रही है।
ऑनलाइन के बढ़ते चलन के चलते व्यापारी वर्ग को मार्गदर्शन के लिए सीए की जरूरत हर कदम पर पड़ रही है। ऐसे में अभिभावक भी अपने बच्चों का करियर इसी क्षेत्र में देख रहे हैं। दी इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया की स्थानीय ब्रांच के अनुसार, यहां हर साल 1500 बच्चे सीपीटी में पंजीयन कराते हैं। हालांकि कुछ साल से यह आंंकड़ा घटा है।
अभी सीए की मांग
आईसीएआई भीलवाड़ा के चेयरमैन पीरेश जैन का कहना है कि जीएसटी को तीन साल हो गए। जैसे सरकार की योजनाएं है, उस हिसाब से अभी सीए की मांग है। ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों को इस क्षेत्र में प्रवेश करा रहे हैं। जीएसटी के बाद सीए की मांग और बढ़ी है। यही वजह है कि यहां के सीए कई कंपनियों में बेहतरीन काम कर रहे हैं।
हर साल ऑल इंडिया रैंक
आईसीएआई भीलवाड़ा के पूर्व चेयरमैन अशोक जैथलिया का कहना है कि हमारे यहां सीए बनने में रुचि ज्यादा है। स्टूडेंट्स भी अच्छी मेहनत करते हैं। हर साल ऑल इंडिया रैंक में हमारे यहां के स्टूडेंट्स है। निजी क्षेत्र में भी कई संस्थान है तो यहां अच्छी शिक्षा दे रहे हैं। यहां से ऑल इंडिया रैंक में प्रथम स्थान भी आ चुका है।
विश्वभर में नाम
आईसीएआई भीलवाड़ा ब्रांच के पूर्व चेयरमैन शिव झंवर का कहना है कि यहां बड़ी संख्या में सीए पंजीकृत है। इस क्षेत्र के सीए हर सेक्टर में और हर जगह काम कर रहे हैं। पूरे विश्व की बड़ी कंपनियों में यहां का प्रतिनिधित्वि है।
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सीए के मुख्य कार्य
देश के कर संग्रह में मुख्य योगदान होता हैं। उद्योग में गाइड, कर संग्रहण, ऑडिट आदि में सरकार को सहयोग देते हैं। विभिन्न संस्थानों सरकारी, अर्ध सरकारी, निजी क्षेत्र में बड़े पदों पर फाइनेंसियल मैनेजमेंट देख रहे हैं। इससे देश के आर्थिक, सामाजिक और व्यासायिक उन्नति में रीढ़ कि हड्डी के रूप में योग दान दे रहे हैं। साथ ही खुद के व्यवसाय की स्थापना कर के देश कि इकोनोमी में योगदान दे रहे हैं।
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देश विदेश में भीलवाड़ा की मौजूदगी
अध्यक्ष पीरेश जैन ने बताया कि सीए व सांसद सुभाष बहेडिय़ा, आयकर आयुक्त सीए प्रसुन्न काबरा, नितिन स्पिनर्स के एमडी सीए आरएल नोलखा, मुम्बई में लीडिंग शेयर ब्रोकर सीए दिनेश नुवाल, यार्न व्यापारी सीए जेके बागडोदिया, संगम इंडिया लिमिटेड के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सीए विनोद कुमार सोडानी, संग्रम ग्रुप के एमडी सीए एसएन मोदानी, जिन्दल ग्रुप के एजीएम सीए चन्द्र प्रकाश सोमानी, आरएस लढ्ढा, महाराष्ट्र में आईएएस सीए भूषण गगरानी, हैदराबाद में आईजी (सीआरपी) सीए सीए महेश लढ्ढा के अलावा भी भीलवाडा से पंजीकृत सीए विदेशों में सेवाएं दे रहे हैं। दुबई में 40-50, इंग्लैंड, यूएसए, कनाडा में 5 से10 तथा सिंगापुर में 10 से 20 सीए है।
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शाखा के प्रथम अध्यक्ष रहे नोलखा
आईसीएआई की भीलवाड़ा शाखा की स्थापना वर्ष 1987 में हुई थी। तब केवल 50 सदस्य थे। विद्यार्थी व आर्टिकल की संख्या लगभग 100 थी। प्रथम अध्यक्ष सीए आरएल नोलखा थे। कार्यालय नहीं था। छात्रों के लिए भीलवाड़ा में परीक्षा केंद्र भी नहीं था। वर्ष 1998 में सिंधुनगर में कार्यालय किराए पर लिया। वर्ष 2007 में शास्त्रीनगर में स्थानांतरित किया। वर्ष 2009 में पटेल नगर में भूमि मिलते ही निर्माण शुरू हुआ। तत्कालीन अध्यक्ष प्रदीप सोमानी के कार्यकाल में 6 फरवरी 2017 को शाखा शास्त्रीनगर से पटेल नगर स्थित नवनिर्मित आईसीएआइ भवन में स्थानान्तरित हुई। वर्ष 2001 में भीलवाड़ा को पहली बार परीक्षा केंद्र के रूप में आवंटित किया गया था। इसमें छात्र न्यूनतम संख्या में उत्तीर्ण हुए थे। छात्रों की जबरदस्त प्रतिक्रिया के चलते कुछ समय के भीतर भीलवाड़ा में दो और परीक्षा केंद्र खोले गए। चार्टर्ड अकाउंटेंसी कोर्स के पाठ्यक्रम में बदलाव आया है। सदस्यों की संख्या 198 हो गई थी। छात्रों की संख्या सभी 300 पहुंच गई। वर्ष 2020 तक 1180 सीए सदस्य तथा 4500 विद्यार्थी पंजीकृत थे। नवम्बर 2020 में आयोजित सीए की परीक्षा के लिए 5 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।