मांडलगढ़ क्षेत्र के बीगोद, मानपुरा, महुआ, काछोला, बिजौलियां आदि में झोलाछाप अच्छी खासी तादाद में लोगों का इलाज कर रहे हैं। हालांकि कोरोना काल में विभाग ने दो झोलाछाप के खिलाफ कार्रवाई की थी, परंतु कुछ समय बाद फिर ये दुकानें सज गई।
हर बड़े गांव में मौजूद
मांडलगढ़ विधानसभा में 67 पंचायतें ऐसी है, जहां 3-4 एवं कस्बों में 6-7 नीम हकीम वर्षों से प्रैक्टिस कर रहे हैं। चिकित्सा सुविधा नहीं होने पर क्षेत्र के लोग इनसे इलाज कराने को विवश हैं। झोलाछाप इलाज के नाम पर अच्छा खासा पैसा बटोर रहे हैं। मौसमी बीमारियों के सीजन में 15 से 20 हजार रुपए तक प्रतिदिन की कमाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि चिकित्सा विभाग की जानकारी में यह सब है लेकिन कार्रवाई नहीं की जाती। इनके पास कई तरह की दवाइयां भी अवैध रूप से मिलती है।