जांच अधिकारी एएसआई मोतीलाल ने बताया कि नगर विकास न्यास ने शंभू बैरागी के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूखण्ड हड़पने का मामला दर्ज कराया था। इस मामले में अनिल शर्मा के बयान लिए गए। शर्मा का कहना है कि न्यास ने इस भूखण्ड की कोई नीलामी नहीं थी। भूखण्ड आज भी न्यास के पास है। फिर भी कुछ लोगों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूखण्ड की रजिस्ट्री करा ली। मोतीलाल ने बताया कि बैरागी की तलाश की जा रही है।
इस बीच, यह बात सामने आई है कि फ्री होल्ड का पट्टा भूखण्ड शाखा के बजाज नियमन शाखा से जारी किया गया। जो गैर योजना क्षेत्र के लिए जारी किया जाता है वह भाषा योजना क्षेत्र के लिए लिखी गई थी। डिस्पेच संख्या चार अंकों में लगाई गई जबकि रजिस्ट्रर में पांच अंक चल रहे है।