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माल बेचने की समस्या, उद्योगों पर फिर संकट

कार्यालय बंद होने से कपड़ा प्रोसेस भी नहीं मंगवा पा रहे
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 23 Apr 2021, 12:35 PM IST

माल बेचने की समस्या, उद्योगों पर फिर संकट

माल बेचने की समस्या, उद्योगों पर फिर संकट

सुरेश जैन
भीलवाड़ा
राज्य सरकार ने 3 मई तक जन अनुशासन पखवाड़ा में उद्योगों को उत्पादन की छूट दी लेकिन इस माल को कहां व कैसे बेचे, यह व्यापारियों व उद्यमियों के सामने बड़ी समस्या है। कई उद्यमियों ने उत्पादन ३० प्रतिशत घटा दिया तो कुछ ने एक शिफ्ट में काम जारी रखा। शनिवार व रविवार को उत्पादन तक बंद रखा जा रहा है। कई राज्यों में लॉकडाउन होने से कपड़े की मांग भी नहीं है।
औद्योगिक संगठनों का कहना है कि उद्योग अपनी गति से नहीं चल पा रहे हैं। न पूरी चेन काम कर पा रही है। उदाहरण के तौर पर स्पिनिंग इकाइयों में धागे का उत्पादन होता है। धागे को वीविंग इकाइयों में इनपुट के रुप में काम में लिया जाता है। ग्रे फेब्रिक्स वीविंग इकाइयों का फाइनल उत्पाद होता है। ग्रे फेब्रिक्स प्रोसेस हाउस में इनपुट होता है। कपड़ा प्रोसेस हाउस से फेब्रिक्स प्रोसेस होकर वापस वीविंग इकाईयों, ट्रेडर्स, मर्चेन्ट मैन्युफेक्चरर्स, मर्चेन्ट एक्सर्पोटर को भेजा जाता है। बाद में कपडे की ग्रेडिंग व पेकिंग के बाद माल को बेचा जाता है। स्थिति यह है कि वीविंग उद्योग, मर्चेन्ट मैन्यूफैक्चरर्स, मर्चेन्ट एक्सर्पोटर एवं ट्रेडर्स के ग्रेडिंग ऑफिस, टेक्सटाइल व अन्य मार्केट में है, जो बंद है।
सरकार के आदेश में केवल उद्योगों को खोलने की अनुमति है, जबकि मार्केट के ऑफिस, ग्रेडिंग खोलने की अनुमति नही है। ऐसी स्थिति में कपड़ा हाउस से प्रोसेस होकर भी नहीं आ रहा है। ऐसे में प्रोसेस हाउस उद्योग को चलाने की स्थिति नहीं है। टेक्सटाइल मार्केट व आसपास यार्न विक्रेता के गोदाम व ऑफिस है। यह नहीं खुलने से वीविंग इकाइयों में यार्न की डिस्पेच नही हो रही है। इसके कारण वीविंग इकाईयां भी ज्यादा काम नहीं कर पा रही है। वीविंग के बन्द होने से स्पिनिंग उद्योग पर भी असर पड़ रहा है।
चारों संगठनों ने की कलक्टर से मुलाकात
मेवाड़ चेम्बर, लद्यु उद्योग भारती, वीविंग एसोसिएशन तथा भीलवाड़ा ट्रेड फेडरेशन के पदाधिकारी जिला कलक्टर से मिले व टेक्सटाइल मार्केट व आसपास स्थित यार्न व मर्चेन्ट मैन्यूफेक्चरर्स की दुकानें व ऑफिस खोलने की मांग की है। ताकि वीविंग इकाइयों को यार्न मिल सके। वही इससे जुड़े अन्य वैल्यू एडेड संस्थान को खोलने की मांग की है।