मेवाड़ चैम्बर के महासचिव आरके जैन ने बताया कि जिले में रेलवे फ्रेट टर्मिनल की महत्ती आवश्यकता है। यह भीलवाड़ा को मिले तो यहां से निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है। इसकी मांग पिछले कई समय से औद्योगिक संगठन कर रहे हैं। अभी तक माल का निर्यात सड़क मार्ग से किया जा रहा है। इससे माल की लागत भी बढ़ रही है। उद्यमियों ने मांग की है कि मंडपिया रेलवे स्टेशन पर कोयले की रैक आना बंद हो गई है। एक साल से यह स्टेशन खाली पड़ा है। ऐसे में सरकार यहां रेलवे टर्नमिल घोषित करती है तो भीलवाड़ा के टेक्सटाइल उद्योग के साथ अन्य उद्योगों को भी फायदा होगा। जैन ने बताया कि सैंडस्टोन व टेक्सटाइल के लगभग 1500 कंटेनर हर माह निर्यात होते हैं। जो रेलवे फ्रेट टर्नमिल बनने से इनकी संख्या बढ़कर 2500 हो सकती है। सड़क मार्ग से भेजने के लिए कंटेनर मुंद्रा पोर्ट 958 किमी, पीपाव पोर्ट 982 किमी तथा जेएनपीटी/मुंबई 956 किमी दूर भेजना पड़ता है। इससे किराया भी अधिक लगता है।