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चार माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक

9वीं से 12वीं तक की लगेगी कक्षाएंकोरोना गाइडलाइन की करनी होगी पालना, शिक्षक-कर्मचारियों का टीकाकरण का दावा
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 1 Sep 2021, 8:19 AM IST

चार माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक

चार माह बाद स्कूलों में लौटी रौनक

भीलवाड़ा।
करीब चार माह बाद बुधवार से (एक सितंबर) से विद्यार्थियों के लिए स्कूल खुलेंगे। अभिभावक व विद्यार्थियों के साथ स्कूलों ने तैयारी कर ली है। स्कूलों ने कार्यक्रम तय कर लिया है। स्कूलों को कोरोना गाइडलाइन की पालना करनी होगी। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग रखना मुख्य चुनौती होगी क्योंकि अधिकांश स्कूलों में कमरों की संख्या कम है। अभी केवल कक्षा ९ से १२ तक की पढ़ाई होगी। शिक्षा विभाग ने सोशल डिस्टेंसिंग की हर हाल में पालना कराने को कहा है।
अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी नारायण जागेटिया ने बताया कि जिले की सभी सरकारी स्कूलों के लगभग अध्यापक व स्टाफ का कोरोना टीकाकरण पूरा हो चुका है। स्कूल में किसी बच्चे को बुखार, खांसी, गले में दर्द जैसे लक्षण दिखने पर अन्य बच्चों से अलग कमरे में बैठाया जाएगा या घर भेज देंगे। तीसरी लहर को देखते बच्चों की सुरक्षा के पूरे उपाय किए हैं। सभी सीबीईओ को कोरोना गाइडलाइन की पालना कराते स्कूल खोलने को कहा गया है। जगह की परेशानी आए तो स्कूल में खाली प्रारंभिक शिक्षा के कमरों को काम में लिया जाएगा।
निजी स्कूल भी खुलेंगे
शहर की अधिकांश निजी स्कूलों में भी बुधवार से कक्षाएं शुरू होगी। हालांकि कुछ में ऑनलाइन परीक्षाएं होने से अगले दिन से कक्षाएं लगेगी। टाइम टेबल जारी कर दिया है।
अप्रेल से बंद थे
कोरोना की पहली लहर में २१ मार्च 2020 को स्कूल, कोचिंग, कॉलेज बंद किए थे। ये 17 जनवरी 2021 तक बंद रहे। दूसरी लहर की दस्तक के बाद अप्रेल में ही स्कूल संस्थानों को बंद कर दिया गया था।
सरकार की गाइडलाइन, जिनकी पालना जरूरी
- पेन, कॉपी व पेंसिल आदि एक्सचेंज नहीं कर सकेंगे।
- लंच, पानी और अन्य सामान शेयर नहीं कर सकेंगे।
- निर्धारित सीट पर ही छात्र को बैठने की अनुमति रहेगी।
- प्रवेश और निकास द्वार पर गाइडलाइन की पालना के लिए कर्मचारी रहेंगे।
- छात्रों के बीच में दो गज की दूरी की व्यवस्था की गई है।
- एक टेबल पर तीन स्टूडेंट्स बैठेंगे, बीच की सीट खाली रहेगी।
- विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावकों को मास्क लगाने पर ही प्रवेश दिया जाएगा।
- परिसर को नियमित रूप से सैनिटाइज की व्यवस्था करनी होगी।
- बार-बार छुए जाने वाले उपकरण, क्लासरूम, दरवाजे के हैंडिल आदि को नियमित सैनिटाइज किया जाएगा।
- क्लास रूम के बाहर डस्टबिन लगाना होगा।