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रॉयल्टी के नाम पर वसूली, लाल पर्ची का काला खेल

खनिज विभाग को हो रहा आर्थिक नुकसानजिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर मूकदर्शक बने हुए
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 21 Jan 2023, 11:32 AM IST

रॉयल्टी के नाम पर वसूली, लाल पर्ची का काला खेल

रॉयल्टी के नाम पर वसूली, लाल पर्ची का काला खेल

भीलवाड़ा. जिले में रॉयल्टी के नाम पर लीज धारक सरकार को लाखों रुपए का आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे हैं। रॉयल्टी के नाम पर एक छोटी लाल पर्ची थमाकर 700 रुपए की अवैध वसूली ट्रैक्टर ट्रॉली चालकों से की जा रही हैं। इसकी जानकारी खनिज विभाग, पुलिस व जनप्रतिनिधियों तक को है। इसके बावजूद अवैध वसूली को रोकने में जिम्मेदार मूक दर्शक बने हैं।

इसे लेकर गुरुवार को राजस्थान पत्रिका ने पड़ताल की तो कुछ तरह का मामला सामने आया। टीम से बातचीत में ट्रैक्टर ट्रॉली चालकों ने बजरी के भाव 2700 से 3000 रुपए बताए। चालकों का कहना है कि एक ट्रैक्टर ट्रॉली की रॉयल्टी 700 रुपए वसूली जा रही है। राॅयल्टी के नाम पर एक पर्ची दी जा रही है। इसकी विभाग से जानकारी की गई तो रॉयल्टी की दर 50 रुपए प्रति टन है। डीएमएफटी शुल्क 5 रुपए तथा 2.50 रुपए आरएसएमईटी को मिलाकर मात्र 57.50 रुपए टन की दर से सा़ढे चार से पांच टन के मात्र 230 या 290 रुपए रॉयल्टी बनती है, लेकिन रॉयल्टी के नाम पर 700 रुपए लिए जा रहे हैं।

विभाग ने बताया पर्ची को फर्जी

खनिज विभाग का कहना है कि इस तरह की पर्ची फर्जी है। रॉयल्टी के लिए खनिज विभाग लाल रंग की बुक जारी नहीं करता। रॉयल्टी ऑनलाइन वसूल की जाती है। इस पर सीरियल नंबर होता है। साथ ही रॉयल्टी वसूल करने वाली फर्म का नाम भी होता है। ट्रैक्टर ट्रॉली चालकों ने कहा कि इस पर्ची को न तो खनिज विभाग मान रहा और न परिवहन विभाग। उन्होंने कहा कि ई रवन्ना की पर्ची भी उन्हें कांटे पर नहीं दी जा रही। रॉयल्टी के नाम पर हो रही इस वसूली के बाद जो बजरी की ट्रॉली 1800 रुपए में मिलती थी। उसी ट्रॉली की कीमत 2700 से 3000 रुपए तक ली जा रही है। ऐसे में जनता पर भार बढ़ गया। इसे लेकर मसूदा प्रधान मीनू कंवर ने भीलवाड़ा खनिज विभाग के अधीक्षण अभियन्ता को पत्र लिखकर बताया कि मसूदा व हुरड़ा तहसील में बजरी पर रॉयल्टी की अवैध वसूली की जा रही है। क्षेत्र में 500 रुपए प्रति टन रॉयल्टी वसूली जा रही है। ई-रवन्ना न देकर गेट पास दिए जा रहे हैं। इस सम्बंध में खनिज अभियन्ता जिनेश हुमड़ का कहना है कि मामले की जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।