रंग-बिरंगे, दमकते-चमकते ताजियों को उठाए युवा तेजी से चले जा रहे थे। इनके पीछे युवकों का रैला था। ताजियों का जुलूस रात को बड़ला चौराहे स्थित कर्बला पहुंचा। यहां पहले से तैयार कुए में सभी ताजिए को ढण्डा किया गया। इस बार नीलगरों की मस्जिद का ताजिया नहीं निकाला गया।
इससे पूर्व अपने मुकाम से ताजिए रवाना हुए। रेलवे स्टेशन, गांधी नगर, आरके कॉलोनी, चपरासी कॉलोनी, राम नगर, पुलिस लाइन, धानमंडी, भवानी नगर, दादाबाड़ी, शास्त्रीनगर, हुसैन कॉलोनी, कांवा खेड़ा, कच्ची बस्ती, भोपालपुरा, एवं जुनावास से जुलुस निकला। इनमें युवाओं ने अखाड़ा प्रदर्शन किया। करबला कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद फिरोज गोरी ने बताया कि मोहर्रम मुख्य मार्गो से होते हुए कर्बला पहुंचे। सर्राफा बाजार में अकबरी अखाड़े की ओर से करतब दिखाए गए। लकड़ी की बड़ी-बड़ी मोगरियां घुमाई गई। जिला प्रशासन की हिंदू मुस्लिम भाईचारे की मिसाल कायम करते हुए स्वागत किया। इस दौरान अब्दुल सलाम मंसूरी, याकूब मोहम्मद, नूर मोहम्मद मैंवाफरोश, अकबरी अखाड़े के उस्ताद आरिफ मोहम्मद मैवाफरोश, अखाड़ा संयोजक असलम पठान ने जिला कलक्टर आशीष मोदी, पुलिस अधीक्षक आदर्श सिद्धू, ज्येष्ठा मैत्री, एडीएम उत्तम सिंह, ओम प्रभा, नरेंद्र दायमा, राहुल जोशी का स्वागत किया।