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किराएदार का सत्यापन: मकान मालिक सचेत न पुलिस को परवाह

- टेक्सटाइल सिटी में डेढ़ लाख से अधिक दूसरे राज्यों के श्रमिक - एक साल में अपराध का आंकड़ा 18.9 फीसदी बढ़ा - वर्ष-2022 में 11,021 मुकदमे जिले में दर्ज - 10 फीसदी मकान और फैक्ट्री मालिक भी नहीं कराते सत्यापन
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भीलवाड़ा

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Akash Mathur

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Updated: 28 Apr 2023, 11:27 AM IST

किराएदार का सत्यापन: मकान मालिक सचेत न पुलिस को परवाह

किराएदार का सत्यापन: मकान मालिक सचेत न पुलिस को परवाह

पुलिस मुख्यालय की हालिया अपराध रिकॉर्ड रैकिंग में भीलवाड़ा को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिन जिलों में एक साल में मुकदमों की संख्या बढ़ी, उनमें भीलवाड़ा अव्वल रहा। वर्ष-2021 में जिले में 9,266 मुकदमे दर्ज हुए, जो एक साल में बढ़कर वर्ष-2022 में 11,021 हो गए। यानी एक साल में 18.9 फीसदी मुकदमे बढ़ गए।विशेषज्ञों का कहना है कि भीलवाड़ा में अपराध का ग्राफ बढ़ा है। इसकी वजह यह भी है कि अपराधियों की पहचान के लिए सबसे जरूरी किराएदारों के सत्यापन को लेकर भीलवाड़ावासी सजग नहीं है।


किराएदार को रखने पर मकान मालिक की पहली प्राथमिकता पुलिस से सत्यापन कराना होता है, लेकिन इसे लेकर न मकान मालिक सतर्क हैं और न ही पुलिस को परवाह है। खासतौर पर बाहरी राज्यों से आए लोगों का सत्यापन जरूरी है। पुलिस का कहना है कि 10 फीसदी मकान मालिक और फैक्ट्री संचालक भी सत्यापन नहीं कराते हैं।

इसलिए भी जरूरी
औद्योगिक नगरी है। यहां उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश, झारखंड समेत विभिन्न राज्यों के लगभग डेढ़ लाख लोग काम-धंधे के चक्कर में रहते हैं। खासतौर से गंगापुर तिराहे से पुर तक बाहरी राज्यों के लोगों की संख्या अधिक है। पुलिस की पूर्व की कार्रवाई देखे तो हरियाणा, बिहार और उत्तरप्रदेश में अपराध करने के बाद कई अपराधियों ने जिले में किराएदार के रूप में रहकर फरारी काटी। यहां फैक्ट्री में काम किया। पकड़े जाने पर मकान मालिक को इसका पता लगा।

घटना के बाद याद आता घर-घर सर्वे
किराएदारों के सत्यापन को लेकर पुलिस ध्यान नहीं देती, लेकिन जैसे ही किसी इलाके में संगीन वारदात होती और उसका खुलासा पुलिस के लिए चुनौती बनता है तो किराएदारों की जांच पड़ताल की याद आती है। घर-घर सर्वे करा मुल्जिम तलाशने का प्रयास किया जाता है।

सत्यापन बेहद जरूरी
किराएदारों का पुलिस सत्यापन जरूरी है। आमजन से अपील है कि वे अपने किराएदारों का संबंधित पुलिस थाने में सत्यापन जरूर कराएं। यदि ऐसे किसी किरायेदार की ओर से अपराध किया जाता है जिसका पुलिस सत्यापन नहीं कराया हुआ है तो मकान मालिक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
- रूपेन्द्रसिंघ, पुलिस महानिरीक्षक, अजमेर रेंज
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केस-01

वर्ष-2016 में पुराने भीलवाड़ा में युवक ने कमरा किराए पर लिया। दिन में बैंकों के बाहर रैकी करता और रात को कमरे पर सो जाता। बाहरी लोगों को बुलाकर एटीएम में कैश भरने वाले कम्पनी प्रतिनिधि से लाखों की लूट को अंजाम दिया। पकड़े जाने पर खुला राज। मकान मालिक ने आरोपी किराएदार का सत्यापन ही नहीं कराया था।
केस-02

वर्ष 2021 में अन्य जिलों से आए कुछ युवकों ने आजादनगर में मकान किराए पर लिया। इन लोगों ने वाहन चुराने के लिए गैंग बनाई। एक के बाद एक शहर समेत जिले में वाहन चोरी की वारदात की। प्रतापनगर थाना पुलिस के आरोपी हत्थे चढ़े तो पड़ोसी दंग रह गए। उनके बीच में आरोपी वारदात को अंजाम दे रहे थे।