टेक्सटाइल सेक्टर में कपड़ों की छोटी बड़ी मिल में लाखों लोग रोज़गार पाते हैं। भीलवाड़ा में पिछले कई माह से मंदी का दौर बना है। इससे स्पिनिंग, विविंग व कपड़ा प्रोसेस उद्योग की दरों में भी कमी आई है। उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी के साथ महंगा कोयला, कॉटन के दाम में भारी उठापटक, केंद्र की टेक्सटाइल सेक्टर के लिए टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन स्कीम (टफ) का बंद होना। ग्लोबल डिमांड में कमी, चीन से कपड़े का आयात होने से कपड़ा इंडस्ट्री परेशान है।