कस्बे के लक्ष्मीनाथ मंदिर के भगवान लक्ष्मीनाथ हाथी पर विराजित होकर पूरे कस्बे में शोभायात्रा के साथ भक्तों के संग होली खेलते हैं। कस्बे की गलियां, बाजार गुलाल के विभिन्न सतरंगी रंगों से सराबोर हो जाती है।
बैंड बाजों के साथ ऊंट, घोड़े शोभायात्रा की शान बढ़ाते हैं। शोभायात्रा लक्ष्मीनाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सोनियो का चौक, नाला बाजार ,पुराना बस स्टैंड, रोडवेज बस स्टैंड, पेट्रोल पंप से होते हुए रावला चौक, बस्सी खेड़ा से पुनः लक्ष्मीनाथ मंदिर पर पहुंचकर संपन्न होती है। शोभा यात्रा का जगह-जगह स्वागत होगा। घरों के बाहर ठाकुरजी की आरती की जाती है। फाग खेलने के कारण बाजार बंद रहते हैं। वही कोई भी श्रद्धालु नशा नहीं करता है और गुलाल का ही उपयोग किया जाता है। शोभायात्रा को देखने के लिए बहन-बेटियां भी बस्सी पहुंचकर इस कार्यक्रम में शामिल होती है।