8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दूसरे दिन भी कातिलों का पता नहीं, 28 घंटे से चक्काजाम कर बैठे ग्रामीण

रायपुर थाना क्षेत्र के सुरास गांव में रविवार रात लूट के इरादे से मकान में घुसे बदमाशों ने वृद्ध की हत्या कर दी। पति को बचाने आई पत्नी पर भी हमला किया। पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दौरान बदमाश नकदी समेत लाखों का माल समेट ले गए। मृतक का शव रायपुर मोर्चरी में रखा है। 28 घंटे से ग्रामीण रायपुर अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर बैठे है। कातिलों को नहीं पकड़ने तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Akash Mathur

•

Updated: 18 Jul 2023, 2:06 PM IST

दूसरे दिन भी कातिलों का पता नहीं, 28 घंटे से चक्काजाम कर बैठे ग्रामीण

दूसरे दिन भी कातिलों का पता नहीं, 28 घंटे से चक्काजाम कर बैठे ग्रामीण

रायपुर थाना क्षेत्र के सुरास गांव में रविवार रात लूट के इरादे से मकान में घुसे बदमाशों ने वृद्ध की हत्या कर दी। पति को बचाने आई पत्नी पर भी हमला किया। पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। इस दौरान बदमाश नकदी समेत लाखों का माल समेट ले गए। मृतक का शव रायपुर मोर्चरी में रखा है। 28 घंटे से ग्रामीण रायपुर अस्पताल के बाहर चक्का जाम कर बैठे है। कातिलों को नहीं पकड़ने तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इससे मंगलवार दूसरे दिन भी रायपुर में गहमागहमी का माहौल है। भारी पुलिस बल वहां तैनात है। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी समझाइश में जुटे है।

थानाप्रभारी इन्द्रजीतसिंह ने बताया कि सुरास में रविवार रात में प्यारचंद कुमावत (65) आंगन व पत्नी अणछी देवी (62) कमरे में सोए थे। देर रात कुछ लोग दीवार फांदकर घर में घुसे। खटपट से जागे प्यारचंद शोर मचाते, उससे पहले लुटेरों ने धारदार हथियार से सिर पर हमला किया। कनपटी पर चोट आने से प्यारचंद ने मौके पर दम तोड़ दिया। चीख सुन पत्नी अणछी कमरे से बाहर आई तो उस पर भी हमला किया। अणछी के गले से मांदलिया व रामनामी समेत कमरे से नकदी व सोने-चांदी के गहने ले गए। वारदात के बाद लुटेरे भाग गए। खून से लथपथ अणछी पति की हालत को देख चिल्लाई तो पड़ोसी व ग्रामीण पहुंचे। रायपुर पुलिस व अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को रायपुर मोर्चरी में रखवाया। घायल अणछी को रायपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। ग्रामीण सोमवार सुबह दस बजे से आंदोलन की राह पर है। जबकि तक लुटेरे कातिलों का पता नहीं लग जाता तब तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इससे शव मोर्चरी में बर्फ पर रखा है।