8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

घर के बाहर खेल रहे तीन भाई-बहन की हौद में डूबने से मौत

बदनोर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा में मंगलवार शाम को हृदय विदारक घटना हुई। घर के बाहर खेल रहे तीन सगे भाई-बहन समेत की हौद में डूबने से मौत हो गई। पता चलने पर गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने तीनों शवों को आसींद मोर्चरी में रखवाया।
less than 1 minute read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Akash Mathur

•

Updated: 26 Oct 2021, 10:56 PM IST

Three siblings playing outside the house died due to drowning

Three siblings playing outside the house died due to drowning

भीलवाड़ा. बदनोर थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुरा में मंगलवार शाम को हृदय विदारक घटना हुई। घर के बाहर खेल रहे तीन सगे भाई-बहन समेत की हौद में डूबने से मौत हो गई। पता चलने पर गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस ने तीनों शवों को आसींद मोर्चरी में रखवाया। इनका बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

थानाप्रभारी विनोद मीणा ने बताया कि लक्ष्मीपुरा कोटड़ा निवासी महेन्द्रसिंह राव मजदूरी के लिए गुजरात गया था। दोपहर में पत्नी खेत पर काम करने गई। पीछे घर में महेन्द्र के पिता थे। इस दौरान महेन्द्र की बेटी सीमा (६), बेटा नरेन्द्र (४) तथा पंकज (२) घर के बाहर खेल रहे थे। इस दौरान तीनों बच्चे हौद में डूब गए। दो घंटे बाद मां घर लौटी व बच्चों को नहीं पाया तो पड़ोस में पूछताछ की।

बाहर चप्पल देखकर आशंका
मां तलाशते हौद की तरफ गई तो वहां बच्चों की चप्पल दिखी। उसने हौद में झांका तो बच्चे अंदर डूबे नजर आए। मां की चीख सुनकर पड़ोसी आए व तीनों बच्चों को हौद से निकाला। तब तक तीनों दम तोड़ चुके थे। आसींद डीएसपी रोहित मीणा एवं थानाप्रभारी विनोद कुमार भी पहुंचे। तीनों शव आसींद मोर्चरी में रखवाए। घटना से गांव में मातम पसर गया। महेन्द्र के तीन बच्चे ही थे। हादसे की जानकारी महेन्द्र को दी गई। उसके आने पर बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

बचाने गए तो डूब होंगे
पुलिस को आशंका है कि एक बच्चा खेलते हौद में गिरा। उसे बचाने तीनों उसमें गिर गए। इससे हादसा हुआ। दोनों भाइयों और बहन की मौत से मां सुध हो गई। दादा का भी रो-रोकर बुरा हाल था। ग्रामीण ढांढस बंधाने में लगे थे। हौद दस फीट गहरा था। उसमें पानी भरा हुआ था।