उधर से गुजर रहे सैयद की नजर पड़ी तो उसने जानकारी बच्चों की मां को दी। मां दौड़कर पहुंची और बेटों को बचाने पानी में कूद गई, लेकिन बचा नहीं पाई। इस बीच वहां पहुंची मदीना भी पानी में बचाव के लिए उतरी, लेकिन उसे भी सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोर बुलाए गए। उन्होंने दोनों भाइयों को निकाला लेकिन तब तक दम तोड़ चुके थे। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। दोनों शवों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। पोस्टमार्टम के बाद दोनों के शव परिजनों को सुपुर्द किए। इनका तीसरा भाई ननिहाल गया हुआ था। लोगों ने बताया की खारी नदी में बजरी माफिया ने जेसीबी से गहरे गड्ढे कर दिए। कई बार इनमें हादसे होते रहे हैं। पुलिस प्रशासन का भी इस ओर ध्यान आकर्षित किया, लेकिन आज दिन तक कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने कहा यदि पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दिया तो वह धरना प्रदर्शन करेंगे।