गुरुवार को राजस्थान पत्रिका टीम ने यूआईटी कार्यालय की पड़ताल की। अपराह्न साढ़े 3 बजे न्यास सचिव, विशेषाधिकारी, अधीक्षण अभियंता, विधि सलाहकार, नगर नियोजक, लेखाधिकारी, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता के कक्ष की कुर्सियां खाली मिली। कुछ कक्षों में लाइट चालू थी। अधिकारी कहां गए पूछा तो बाहर गलियारे में बैठे कार्मिकों का जवाब था, न्यास सचिव अवकाश पर हैं। अन्य अधिकारियों काे फील्ड में जाना बताया। यहां गलियारे में हाथ मेंं पत्रावली लेकर घूम रहे सुबोध बाहेती मिले। बाहेती बोले, एक फाइल पर मार्क कराने के लिए सुबह से यूआईटी में अधिकारियों का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन यहां कोई सुनने व देखने वाला नहीं है। यहां आम लोगों के काम नहीं हो रहे, बल्कि दलालों का काम तुरत-फुरत में हो रहे हैं।