8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

भीलवाड़ा यूआईटी : कुर्सियां थी खाली, अफसरों के आने का इंतजार कर रहे थे लोग

लोगों का आरोप-यूआईटी में केवल दलालोंं के हो रहे काम, आम जनता हो रही परेशान
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Kanaram Mundiyar

•

Updated: 4 Nov 2022, 3:18 PM IST

भीलवाड़ा यूआईटी : कुर्सियां थी खाली, अफसरों के आने का इंतजार कर रहे थे लोग

भीलवाड़ा यूआईटी : कुर्सियां थी खाली, अफसरों के आने का इंतजार कर रहे थे लोग

भीलवाड़ा.

नगर विकास न्यास के कार्यालय में इन दिनों लापरवाही का आलम दिखाई दे रहा है। न्यास में अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी खुद कलक्टर के पास हैं, फिर भी जनता के कार्यों की समय पर सुनवाई करने को लेकर यहां के अफसरों को कोई सरोकार नहीं है। लोगों की शिकायत है कि न्यास सचिव, विशेषाधिकारी, अधीक्षण अभियंता सहित अन्य अधिकारियों की कुर्सियां अधिकतर समय खाली रहती है। यहां अपने काम से आने वाले लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।

गुरुवार को राजस्थान पत्रिका टीम ने यूआईटी कार्यालय की पड़ताल की। अपराह्न साढ़े 3 बजे न्यास सचिव, विशेषाधिकारी, अधीक्षण अभियंता, विधि सलाहकार, नगर नियोजक, लेखाधिकारी, अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता के कक्ष की कुर्सियां खाली मिली। कुछ कक्षों में लाइट चालू थी। अधिकारी कहां गए पूछा तो बाहर गलियारे में बैठे कार्मिकों का जवाब था, न्यास सचिव अवकाश पर हैं। अन्य अधिकारियों काे फील्ड में जाना बताया। यहां गलियारे में हाथ मेंं पत्रावली लेकर घूम रहे सुबोध बाहेती मिले। बाहेती बोले, एक फाइल पर मार्क कराने के लिए सुबह से यूआईटी में अधिकारियों का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन यहां कोई सुनने व देखने वाला नहीं है। यहां आम लोगों के काम नहीं हो रहे, बल्कि दलालों का काम तुरत-फुरत में हो रहे हैं।

कचरे में पटक रखे नक्शे-

आला अधिकारियों की अनदेखी के चलते यूआईटी में नक्शे एवं पत्रावलियां इधर-उधर कचरे के ढेर में पड़ी दिखाई दी। कबाड़ की तरह फाइलों का ढेर दिखाई दिया। कई जगहों पर सामान बिखरा हुआ था। अहम सवाल यह है कि शहर को स्मार्ट बनाने का दावा करने वाले अफसरों को अपने दफ्तर में बदसूरती वाले हाल दिखाई क्यों नहीं दे रहे। यूआईटी में विशेषाधिकारी रजनी माधीवाल से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन फोन रिसीव नहीं कर पाए।

इनका कहना है-

मैं अभी ट्रेनिंग में जयपुर आया हूं। जनता से मिलने का समय भी तय किया जाएगा।

- अजय आर्य, सचिव, नगर विकास न्यास भीलवाड़ा