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यूएमडीएस का खनन पट्टा निरस्त

चैनपुरा व धेवरिया में चाइना क्ले व सोप स्टोन की 998.63 हैक्टेयर की खदान
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भीलवाड़ा

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Suresh Jain

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Updated: 10 Mar 2023, 11:04 AM IST

यूएमडीएस का खनन पट्टा निरस्त

यूएमडीएस का खनन पट्टा निरस्त

भीलवाड़ा। खनिज विभाग ने जहाजपुर तहसील के चैनपुरा घेवरिया स्थित 998.63 हैक्टेयर खदान को निरस्त कर अपने कब्जे में ले लिया है। इस पर कई प्रकार की अनियमितताएं तथा पालना नहीं करने का आरोप है। खान एवं भू विज्ञान विभाग के निदेशक संदेश नायक ने खान को खण्डित करने के आदेश जारी किेए हैं। इस आदेश के तहत अब खदान में किसी तरह की गतिविधि नहीं हो सकती है। खनिज विभाग भीलवाड़ा ने खनन पट्टे को निरस्त कर अपने अधीन ले लिया है। इसके नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं।


खनिज विभाग के अनुसार उदयपुर मिनरल डवलपमेंट सिंडिकेट प्राईवेट लिमिटेड के पक्ष में मेवाड़ सरकार ने सोपस्टोन की खदान जहाजपुर क्षेत्र में एक मई 1941 से 30 वर्ष के लिए स्वीकृत किया। खनन पट्टे में खनिज डोलोमाईट को जोड़ने के साथ तीसरी बार नवीनीकरण किया गया। जिसकी अवधि 30 अप्रेल 2021 तक पूरी हो गई थी। बाद में खनन पट्टे को केप्टिव की श्रेणी में मानकर इसकी अविध 31 मार्च 2030 तक बढ़ाए जाने का अनुरोध किया था। खनिज विभाग ने भी प्रस्ताव निदेशालय भेजा। इसे स्वीकर करते हुए 31 मार्च 2030 तक करते हुए संविदा का निष्पादन 6 जून 2018 को किया गया। इस आधार पर खनन पट्टा 2030 तक प्रभावशील माना गया था, लेकिन अनियमितताओं के चलते खान को निरस्त कर दिया गया है।
नोटिस का नहीं दिया जवाब-
खनन पट्टा धारक के खिलाफ शिकायतें मिलने तथा नियमों का उल्लंघन करने पर खनिज विभाग ने 28 सितम्बर 2020 को नोटिस जारी किया। लेकिन नोटिस की पालना नहीं की गई। जहाजपुर विधायक गोपीचन्द मीणा ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। सरकार ने जांच के लिए समिति का गठन किया। समिति ने 8 दिसम्बर 2022 को मौका निरीक्षण किया। टीम ने माना कि नियमों की पालना नहीं हो रही है। ऐसे में सरकार ने खनन पट्टे को निरस्त कर दिया है।
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यूएमडीएस का खनन पट्टा निरस्त कर विभाग के अधीन ले लिया है। अब वह खनन कार्य नहीं कर सकता है। अगर करता है तो कार्रवाई की जाएगी।
-जिनेश हुमड़, खनिज अभियन्ता भीलवाड़ा