राजस्थान पत्रिका ने बुधवार के अंक में समूचे मामले को मरम्मत के खाते की रकम में गड़बड़झाला शीर्षक से उठाते हुए बड़ा खुलासा किया था। इसे विकास अधिकारी संजय मोदी ने गंभीरता से लिया। उन्होंने चंबल पेयजल परियोजना में दिए नए कनेक्शनों पर जनता से ली गई राशि का ब्यौरा व खाते का स्टेटमेंट एवं पासबुक आदि का रिकार्ड गुरुवार को तलब किया। जिसमें 4 ग्राम पंचायतों में जनता द्वारा एकत्रित की गई राशि बैंक खाते में होने का दावा किया। जिसमें केवल बरोदा ग्राम पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी गणराज रेगर ही पूर्ण रूप से हिसाब के साथ पंचायत समिति में विकास अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए।