इसके बाद भी राहत दिलाना दूर, फरियाद तक नहीं सुनी जा रही। दरअसल, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हर जिले में साइबर थाना खोलने की बजट में घोषणा की थी। भीलवाड़ा में जनवरी में थाना खुल गया और 1 फरवरी से विधिवत शुरुआत हुई। इस समय थाने में एक डीएसपी स्तर का अधिकारी, एक निरीक्षक व अन्य स्टाफ लगा रखा है। यहां स्टाफ पूरी तरह साइबर एक्सपर्ट नहीं है। उनको प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है। सरकार ने नफरी और संसाधन पूरे दिए, लेकिन यहां एक लाख रुपए से अधिक की साइबर ठगी के मामले थाने में दर्ज होने के नियम लगा दिए। इससे नीचे के मामले यहां दर्ज नहीं होते।