8 नवंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Opinion : भीलवाड़ा को कब मिलेगी राहत

यात्रा के जरिए जनता को संदेश देना अच्छा प्रयास है, लेकिन परेशानियों से जूझ रहे भीलवाड़ा शहर को राहत देने के लिए भी संदेश यात्रा निकाली जानी चाहिए।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भीलवाड़ा

•

image

Kanaram Mundiyar

•

Updated: 3 Aug 2023, 10:29 PM IST

Opinion : भीलवाड़ा को कब मिलेगी राहत

Opinion : भीलवाड़ा को कब मिलेगी राहत

कानाराम मुण्डियार

चुनावी वर्ष में राज्य में नेताओं की जन-यात्राएं शुरू हो गई हैं। भीलवाड़ा में सत्तारूढ़ दल से जुड़े दो नेता यात्रा पथ पर निकले हैं। एक नेता ने हाल ही बड़ी यात्रा निकाली तो दूसरे नेता जल्द ही अपने क्षेत्र की यात्रा पर निकलेंगे। यात्रा के जरिए जनता को संदेश देना अच्छा प्रयास है, लेकिन परेशानियों से जूझ रहे भीलवाड़ा शहर को राहत देने के लिए भी संदेश यात्रा निकाली जानी चाहिए।

नेता जनता के समक्ष अपना बहीखाता रखें और बताएं कि ऐसे कौनसे कार्य व उपलब्धियां है, जिन्हें जनता 50 साल तक याद रखेगी। इतना तय है कि नेताओं के पास भीलवाड़ा शहर के लिए गिनाने लायक कोई बड़ी उपलब्धि नहीं है। कुछ ग्रामीण नेताओं की चाह तो अपने क्षेत्र में विकास करवाने तक सिमटी है जबकि भीलवाड़ा शहर की आबोहवा के कारण ही इनकी किस्मत चमकी है। शहर के नेताओं को भी अतिथि बनकर साफा व माला पहनने से फुर्सत नहीं मिल रही। इनके पास भी गिनाने लायक बड़ा कुछ नहीं है।बड़ा सवाल यह है कि भीलवाड़ा शहर किसका है, भीलवाड़ा का 'लाल' कौन है और भीलवाड़ा की लड़ाई कौन लड़ेगा? सवाल यह भी है कि ऐसी क्या मजबूरी है कि जिसकी वजह से अफसर व नेता आंखों पर उपेक्षा की पट्टी बांधे बैठे हैं।

राजस्थान पत्रिका लगातार जनता की आवाज बन रहा है। चाहे वो एक और ओवरब्रिज चाहिए का मुद्दा हो या अंडरपास, ट्रैफिक व्यवस्था व बेहाल सड़कों की स्थिति सुधारने की बात हो। कई क्षेत्र जलभराव की परेशानी से जूझ रहे हैं। राहत पाने के लिए जनता की ओर से ज्ञापन व प्रदर्शन के अलावा गणेश मंदिरों तक पत्र लिखे गए हैं। हस्ताक्षर अभियान भी चल रहे हैं।नेताओं को यह नहीं भूलना चाहिए कि भीलवाड़ा की जनता ने गत चुनाव में उन्हें थोक के वोट देकर केन्द्र व राज्य की सरकार में भेजा। सरकारी सुविधाओं का सुख भोगने दिया। अब रिटर्न गिफ्ट देने का समय है। अब जनता की आवाज सुननी चाहिए। गत चुनाव में किए वादों को याद करें और उन पर प्रभावी अमल करें।

kr.mundiyar@epatrika.com