12 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी में बनेगा देश का पहला ह्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन, बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि करेगी इंवेस्ट!

Human Health Herbal Garden: भोपाल एम्स (AIIMS Bhopal) और पतंजलि (Patanjali) मिलकर देश का पहला ह्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन विकसित करेंगे, जहां औषधीय पौधों से सस्ता इलाज और फार्माकोलॉजी पर रिसर्च की जाएगी। ये गार्डन राजधानी भोपाल में होगा।

2 min read
Google source verification

भोपाल

image

Akash Dewani

Jun 05, 2025

AIIMS and Patanjali will jointly develop the country's first Human Health Herbal Garden in Bhopal mp news

भोपाल में बनेगा देश का पहला ह्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन (फोटो सोर्स- AIIMS Bhopal X.com)

Human Health Herbal Garden: प्रदेश सरकार सूबे का सबसे बड़ा हर्बल गार्डन उज्जैन के शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद महाविद्यालय (Dhanvantari Ayurveda College) में तैयार कर रही है। यहां 25 हजार वर्ग फीट के गार्डन में 400 दुर्लभ प्रजातियों के 1100 औषधीय पौधों को रोपा गया है। अब भोपाल में देश का पहला ह्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन और रसायन वन रोपने की तैयारी है।

यह हर्बल गार्डन ऐसा पहला गार्डन होगा जहां एमबीबीएस और पीजी के स्टूडेंट्स औषधीय पौधों से सस्ता और पारंपरिक इलाज करेंगे। साथ ही पहली बार औषधीय पौधों के सत्व यानी उनमें पाए जाने वाले औषधीय गुणों पर फार्माकोलॉजी के स्टूडेंट्स रिसर्च करेंगे। एम्स (AIIMS Bhopal) में जड़ी-बूटियों के खजाने को सहेजने के काम में बाबा रामदेव की पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन (Patanjali) सह‌योग करेगा। दोनों मिलकर प्रदेश इस हर्बल गार्डन को बनाएंगे।

यह भी पढ़े - मंत्री विजय शाह केस की SIT से जुड़े अफसर समेत एमपी में 8 IPS अधिकारियों के तबादले

एम्स और पतंजलि मिलकर करेंगे विकसित

रिच ट्राइबल मेडिसिन को सहेजेंगे प्रदेश के आदिवासी समुदाय और बैगाओं के पास पेड़-पौधों, जड़ों, पत्तियों और छालों से बीमारियों का इलाज का बहुत कारगर नुस्खा है। इनकी जड़ी-बूटियों का अभी तक आधुनिक विज्ञान ने परीक्षण नहीं किया है। इन ट्राइबल मेडिसिन पर एम्स रिसर्च करेगा। ताकि पुरातन ज्ञान संरक्षित हो सके।

दुलर्भ प्रजातियों का संरक्षण

एग्जॉटिक यानी दुर्लभ और खास जड़ी-बूटियों के पौधों को भोपाल के वातावरण में जिंदा रखने आर्टिफिशियल सेटअप यानी नकली वातावरण तैयार किया जाएगा। फिर इन पौधों पर पढ़ाई की जाएगी। इसे इंटिग्रेटेड मेडिसिन के तहत कोर्स में शामिल किया जाएगा।

संबंधित खबरें

यह भी पढ़े - बड़ा फर्जीवाड़ा…महिला सरपंच कर रही मजदूरी, दबंग चला रहे सत्ता !

पता लगाएंगे रासायनिक एलिमेंट्स

एम्स के चिकित्सक औषधियों के असर व पौधों के रासायनिक तत्व की खोज करके नई, सस्ती और असरदार दवाएं बनाएंगे। पारंपरिक दवाओं को सामने लाने का यह देश में पहला प्रयास होगा।

ट्यूमन हेल्थ हर्बल गार्डन वे पौधे जिनका अब तक इंसानों की बीमारियों के इलाज में काम होता रहा है। रसायन वन: पौधों के रासायनिक गुणों का एम्स के स्टूडेंट्स अध्ययन करेंगे और फार्माकोलॉजी डिपार्टमेंट इनका फिर से रासायनिक गुण सूत्र संकलित करेगा।

साइन हुआ एमओयू

एम्स भोपाल के निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि बाबा रामदेव की पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन और एम्स के बीच एक एमओयू हुआ है। दोनों संस्थान मिलकर अब तक का सबसे बड़ा हर्बल गार्डन विकसित करेंगे। जहां औषधीय पौधों के रसायनिक तत्वों पर रिसर्च के साथ इनके संरक्षण और संवर्द्धन के लिए कार्य होगा।