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मलिहाबाद के दशहरी आमों को टक्कर दे रहा है MP का ये पेड़, 80 साल पहले लाया गया था राजधानी से…

हर साल देता है 3 से 4 क्विंटल आम...
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Miracle of mango tree

मलिहाबाद के दशहरी आमों को टक्कर दे रहा है MP का ये पेड़, 80 साल पहले लाया गया था राजधानी से...

भोपाल। गर्मियों के आते ही फलों के राजा आम का भी सीजन आ गया है। फलों के राजा आम की डिमांड केवल प्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में रहती है। जिसे देखते हुए मध्यप्रदेश में ही नहीं बल्कि पूरे देश में जगह-जगह आम के बाग तक लगाए जाते हैं।

एक ओर जहां देश में दशहरी आम के लिए उप्र का मलिहाबाद(लखनऊ) प्रसिद्ध है, वहीं दूसरी ओर इन दिनों मध्यप्रदेश का सीहोर जिले का एक पेड़ भी इन दिनों दशहरी आम के लिए सुर्खियों में बना हुआ है।

कभी भोपाल से गया ये आम का पौधा अब सीहोर में विशालकाय पेड़ का रूप ले चुका है, जो पिछले कई वर्षोें से हर सीजन में यह करीब 3 से 4 क्विंटल तक आम दे रहा है। वहीं इस साल भी अभी से ये पेड़ दशहरी आमों से लदना शुरू हो गया है।


जानें दिलचस्प इतिहास वाले इस पेड़ के फलों की खासियत:
इस पेड़ के मालिक बाबूलाल कुशवाह के अनुसार सन 1938 में उनके पिता दिवंगत मोहन लाल कुशवाह भोपाल से आम के 7 पौधे लेकर आए थे। जिन्हें उन्होंने यहां लगाया था, इनमें से दो पौधे आगे चल कर पेड़ बन सके, जबकि 5 जीवित ही नहीं रह सके।

इन पेड़ों में लगने वाले आमों के संबंध में उन्होंने बताया कि यह आम पकने के बाद उनका वजन डेढ़ सौ से दो सौ ग्राम का होता है। जो अत्यधिक मीठा होने के कारण खाने वाले को बहुत पसंद आता है। एक सीजन में इस पेड़ से करीब 3 से 4 क्विंटल आम निकल जाता है।

दरअसल सीहोर की ब्रह्मपुरी कॉलोनी निवासी बाबूलाल कुशवाह 69 वर्ष बताते हैं कि ये करीब 81 साल पूराना दशहरी आम का पेड़ है। इन दिनों यह पेड़ इतने आमों से लद गया है कि इसकी टेहनियां तक जमीन को छूने लगीं हैं। जहां तक पेड़ का सवाल है तो यह पेड़ करीब 150 फीट लंबा और 92 फीट चौड़ाई में फैल हुआ है

वहीं इस बार भी इस पेड़ में इस बार इतने आम लगे हैं कि उनका वजन सहना टहनियों तक को भरी लग रहा है, जिसके चलते यह जमीन पर आ गई हैं।

ऐसे में डालियों के टूट जाने के डर को देखते हुए इस खेत के मालिक किसान बाबूलाल कुशवाह ने पेड़ को बल्लियों का सहारा दिया हुआ है।