
पिपलिया हाना ब्रिज का काम जोरों पर सरिया के पिल्ले बनकर तैयार
अवरोध हटाने महापौर ने दिया धरना, ब्रिज की डिजाइन बदलवाने कांग्रेसी पार्षद ने किया पुतला दहन - मई २०१६ में निर्माण शुरू किया, ३३ करोड़ रुपए की लागत थी, अब ५० करोड़ रुपए पहुंची लागत, ९७ गर्डर डाले गए ब्रिज के लिए भोपाल किलोलपार्क से गिन्नौरी के बीच छोटे तालाब पर निर्माणाधीन आर्चब्रिज की राह में बाधक दो मकानों पर मंगलवार को राजनीति चरम पर रही।
इन मकानों को विस्थापित कर ब्रिज का काम पूरा करने की मांग को लेकर शासन के खिलाफ महापौर आलोक शर्मा खुद धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे तक ब्रिज पर ही धरना प्रदर्शन किया गया। इसके जवाब में क्षेत्रीय पार्षद कांग्रेस की शबिस्ता जकी ने इन मकानों को बचाने के लिए ब्रिज की डिजाइन बदलने की मांग के साथ महापौर का पुतला दहन कर प्रदर्शन किया। बताया जा रहा है कि इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ब्रिज का ९० फीसदी काम पूरा हो चुका है।
किलोलपार्क की और महज ५० मीटर एप्रोच रोड का काम बाकी है। अब मकान नहीं हटाए जाते हैं तो ये रोड पूरी नहीं होगी और ५० करोड़ रुपए खर्च के बावजूद आमजन को ब्रिज का लाभ नहीं मिल पाएगा। मकान बचाने यदि ब्रिज की डिजाइन बदली गई तो फिर नए सिरे से डीपीआर में बदलाव करना होगा। काम बढ़ेगा, जिसमें अतिरिक्त राशि और समय की जरूरत होगी। ये हैं मामलाकिलोलपार्क की और आर्चब्रिज की एप्रोच रोड की राह में गुफरान बेग, सादिक बेग और इमरान के मकान आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि वीआईपी रोड निर्माण के दौरान रेतघाट से इन्हें हटाया था। कोर्ट के आदेश के बबाद यहां विस्थापित किया गया था। अब इन्हें फिर से विस्थापित किया जाना है। कांग्रेस- भाजपा आमने सामने - क्षेत्रीय पार्षद शबिस्ता जकी का कहना है कि एक बार विस्थापित को दूसरी बात विस्थापित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने इन्हें स्टे दिया है। निगम ब्रिज की डिजाइन में बदलाव करें। - महापौर आलोक शर्मा का कहना है कि कांग्रेस विकास में अवरोध उत्पन्न कर रही है।
मकानों को विस्थापित किया जाना चाहिए, ताकि ब्रिज का काम पूरा हो और लोगों को लाभ मिले। आर्चब्रिज एक नजर ५०० मीटर का आर्चब्रिज बनाया जा रहा है। इसमें २०० मीटर की स्टील की आर्च व ३०० मीटर की दोनों और एप्रोच रोड है। १०.७५ मीटर इसकी चौड़ाई है। ब्रिज के बीच में आर्च की ऊंचाई ३० मीटर है। इसमें दो मीटर के फुटपाथ है। ब्रिज दो लेन बनाया गया है। दावा है कि इब्राहिमपुरा में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जाम नहीं लगेगा। कमलापार्क के सामने की रोड पर भी ट्रैफिक का दबाव घटेगा।
किनारे पर १७ हजार किलोग्राम वजन रानी कमलापति की प्रतिमा भी तैयारआर्च ब्रिज और रानी कमलापति महल के ठीक बीच में रानी कमलापति की प्रतिमा तैयार की जा रही है। 17000 किलो वजनी व 32 फ ीट ऊंची है। इसके निर्माण पर 1.़९६ करोड़ रुपए की लागत आई। यहां तालाब की गहराई करीब 30 फ ीट है। पानी के अंदर ही 16 फ ीट डायमीटर का प्लेटफ ॉर्म और सिंहासन तैयार किया गया है। लाइटिंग व अन्य खर्च मिलाकर लागत 2.़66 करोड़ रुपए बन रही है।
Updated on:
06 Mar 2019 09:05 am
Published on:
06 Mar 2019 09:05 am
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