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अयोध्या मामले में फिर से याचिका के विरोध में आए कुछ मुस्लिम संगठन, कहा मुल्क को तरक्की और अमन की दरकार

सदियों से चले आ रहे एक विवाद पर देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आ चुका है।
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भोपाल

•

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Sunil Mishra

•

Nov 22, 2019

महावीर मंदिर न्यास अयोध्या मंदिर निर्माण के लिए देगा दस करोड़

महावीर मंदिर न्यास अयोध्या मंदिर निर्माण के लिए देगा दस करोड़

भोपाल। अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद फिर याचिका दायर किए जाने की चर्चा पर इसके विरोध में मुस्लिम संगठन सामने आ रहे हैं। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सेंटर के प्रदेश प्रमुख जावेद बेग और राष्ट्र शक्ति फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नूर उल हसन बेग ने गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में कहा कि इस देश की गंगा.जमुनी तहजीब, आपसी भाईचारा, मिलनसारिता, एक दूसरे के रीति रिवाजों का सम्मान हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा रहा है। इसी की वजह से इस देश को दुनियाभर का सिरमौर माना जाता है। इसे बिगडऩे से रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि सदियों से चले आ रहे एक विवाद पर देश की सबसे बड़ी अदालत का फैसला आ चुका है। हिंदुस्तान ने अपनी गंगा.जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे की हमेशा की परंपरा को निभाते हुए अदालत के इस फैसले को सिर.माथे पर रख लिया है। फैसले से असंतुष्ट होने वाले चंद लोगों ने फिर से याचिका की हवा देकर अस्थिरता की चिंगारी को भड़काने की कोशिश की है। सदियों पुरानी जिस कहानी का पटाक्षेप अदालत के फैसले से हो चुका है, उसे फिर से कुरेदने की कोशिश देश को फिर अस्थिरता के हवाले करने वाला कदम कहा जा सकता है।

जावेद बेग ने कहा कि लोगों की अकीदत और आस्थाओं के कंधों पर बंदूक रखकर सियासी निशाने बनने का दौर अब पीछे गुजर चुका है। कई पीढिय़ों ने मंदिर-मस्जिद के दर्द को भोगा है, इसके बड़े नुकसान भी लोगों ने उठाए हैं। लेकिन नई पीढ़ी तालीम के साथ आगे बढ़ रही है, रोजगार और तरक्की की नई सीढियां चढऩे लगी है। ऐसे हालात चंद लोगों की जिद और दकियानूसी नजरिया ठहरे हुए हालात में फिर अस्थिरता के नजारे बना सकती है। नूर उल हसन बेग ने कहा कि हम अमन पसंद लोग इस पुन याचिका के फैसले का विरोध करते हैं।