गैस पीडि़तों का अस्पताल, हालात बिगड़े तो केन्द्र से लगाई सुधार की गुहार

"भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में इलाज के लिए करीब साढ़े तीन लाख लोग रजिस्टर्ड हैं। इलाज कराने के लिए इनके स्मार्ट कार्ड बने हुए हैं।"

 

By: शकील खान

Published: 13 Sep 2021, 12:33 AM IST

भोपाल. बीएमएचआरसी में सुविधाओं की कमी के चलते इलाज के लिए कई मरीज परेशान हैं। इनमें भी बुजुर्गों को सबसे अधिक दिक्कतें आ रही हैं। कई जांच सुविधाएं न होने के साथ चिकित्सकों की कमी के कारण इस तरह के हालात बने है। इस मामले में शहर के कई संगठनों ने मामला उठाया है। भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेंटर में इलाज के लिए करीब साढ़े तीन लाख लोग रजिस्टर्ड हैं। इलाज कराने के लिए इनके स्मार्ट कार्ड बने हुए हैं। छोटी बीमारियों के लिए बीएमएचआरसी की मिनी यूनिट हैं जबकि मुख्य अस्पताल गंभीर रूप से बीमारों के लिए इलाज के लिए है। यहां पहुंचने वालों की संख्या जांचें तो सबसे अधिक इलाज पाने वालों में बुजुर्ग हैं। इलाज में कमी के कारण इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किडनी, हार्ट, श्वास की बीमारी के मरीज

बीएमएचआरसी में गैस पीडि़त गंभीर मरीज अधिक आते हैं। इस अस्पताल को गंभीर रूप से बीमारों के इलाज के लिए बनवाया गया था। जानकारों के मुताबिक यहां हार्ट, सांस, किडनी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों के मरीज सबसे अधिक आते हैं।

सीनियर सिटीजन ने भी उठाया मामला
बीएमएचआरसी में पर्याप्त उपचार सुविधाएं नहीं मिलने को लेकर सीनियर सिटीजन और कई युवाओं के संगठन ने मामला उठाया। इस ग्रुप में शामिल समाजसेवी एलएस हरदेनिया ने बताया कि मामले में केन्द्र सरकार से मांग की जा रही है। इसके लिए अलग नियम बनाए जाएं। इसके अलावा गैस राहत अस्पताल से जुड़े कई जिम्मेदार लोगों से इसे और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी जुटाए हैं। जो कमेटी को भेजेंगे।

मॉनीटरिंग कमेटी को शिकायत
अस्पताल में इलाज के लिए कई उपकरण मुहैया कराए गए है, लेकिन चिकित्सकों की कमी के कारण परेशानी बढ़ गई हैं। इसकी केन्द्र सरकार के साथ मॉनीटरिंग कमेटी को कई बार शिकायत कर चुके हैं।
रचना ढींगरा, भोपाल ग्रुप ऑफ इंफारमेशन एवं एक्शन

शकील खान
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