29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

PATRIKA SURVEY: यहां पर मुश्किल में आई भाजपा सरकार, पब्लिक सरकार बदलने को तैयार

पत्रिका के सबसे बड़े सर्वे में हुआ खुलासा, मध्यप्रदेश सरकार के कामकाज से नहीं हैं पब्लिक खुश, करीब 55 फीसदी सरकार बदलने को तैयार
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Shailendra Tiwari

•

Updated: 1 Apr 2018, 9:26 AM IST

PATRIKA POLL SURVEY

भोपाल। पत्रिका के सबसे बड़े सर्वे में खुलासा हुआ है कि मध्यप्रदेश सरकार के कामकाज से पब्लिक खुश नहीं है। यही वजह है कि करीब 55 फीसदी लोग इस सरकार को बदलने के पक्ष में बात कर रहे हैं। तीन राज्यों में किए गए सर्वे में छत्तीसगढ़ में करीब 59 फीसदी लोग सरकार बदलने को राजी हैं, वहीं राजस्थान में यह प्रतिशत सबसे ज्यादा है। यहां पर करीब 63 फीसदी लोग सरकार बदलने की बात कर रहे हैं।

दरअसल, पत्रिका ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकार को लेकर सबसे बड़ा सर्वे कराया है। जिसके आंकड़े इस बात का खुलासा करते हैं कि लोग अपनी सरकारों से खुश नहीं हैं। अगर मध्यप्रदेश की बात करें तो यहां पर लोग इस सरकार से बिलकुल भी खुश नजर नहीं आ रहे हैं। यहां पर 54.97 फीसदी लोग सरकार बदलने की बात कर रहे हैं। लोगों की दलील है कि इस सरकार को अब बदल देना चाहिए।

45 हजार लोगों की जानी राय
पत्रिका ने अपने सबसे बड़े सर्वे के लिए ग्राउंड जीरो पर काम किया। करीब 45 हजार मतदाताओं से उनकी सीधी राय ली। सबसे महत्वपूर्ण है कि इस सर्वे में हर विधानसभा सीट पर जाकर मतदाताओं से बात की गई। सर्वे के पीछे का मकसद सिर्फ जनता की बात को सरकार तक पहुंचाना है। सत्ता और विपक्ष को आईना दिखाने की कोशिश की गई है। आंकड़ों में सरकार और विपक्ष दोनों के लिए संदेश है।

मध्यप्रदेश में लगातार उपचुनाव हार रही सरकार
पत्रिका के सर्वे में सामने आए आंकड़ों पर गौर करने से पहले जान लें कि मध्यप्रदेश में भाजपा सरकार वैसे भी संकट का सामना कर रही है। अभी हाल के उपचुनावों में भाजपा को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। खासकर तब जब मध्यप्रदेश में भाजपा को अपराजित मान लिया गया था। हर उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाली भाजपा को पिछले दो साल से हार का सामना करना पड़ रहा है।

हार की शुरुआत कांग्रेस नेता और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव क्षेत्र की सीट अटेर से हुई। उसके बाद चित्रकूट और अभी हाल में फिर सिंधिया के इलाके में कोलारस और मुंगावली सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। जबकि इन सभी सीटों पर भाजपा ने प्रतिष्ठा का मसला बनाया था। दो दर्जन से ज्यादा मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करीब 40 से ज्यादा विधायक और पार्टी पदाधिकारी काम कर रहे थे। बावजूद भाजपा को हार का सामना करना पड़ा।

प्रदेश अध्यक्ष बदलने को तैयार भाजपा
लगातार हार का सामना कर रही भाजपा ने फिलहाल अपने प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार चौहान को बदलने का निर्णय लिया है। अंदरखाने की मानें तो नए प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर नरेंद्र सिंह तोमर और नरोत्तम मिश्रा में से किसी एक की ताजपोशी हो सकती है। हालांकि लाल सिंह आर्य को भी दावेदार माना जा रहा है। लेकिन उनकी संभावनाएं फिलहाल कम हैं। सबसे प्रबल दावेदार के तौर पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ही हैं। भाजपा नेतृत्व को डर है कि उपचुनाव में मिल रही हार कहीं छह महीने बाद होने वाले विधानसभा चुनावों में मुश्किल खड़ी न कर दें।

पूरा सर्वे पढ़ने के लिए लॉग-इन करें पत्रिका डॉट कॉम पर मध्यप्रदेश पेज।

बड़ी खबरें

View All

भोपाल

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग