
BJP MLAs told the failure of the MP Government MP By Election
भोपाल. भाजपा में सत्ता-संगठन के लिए सब कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. पार्टी के अपने ही विधायक ही सत्ता-संगठन पर सवाल उठाकर नई चुनौतियां खड़ी कर रहे हैं। पहले पूर्व मंत्री व वरिष्ठ विधायक अजय विश्नोई और अब मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी सरकार की विफलता के मुद्दे उठा रहे हैं। इनके अलावा विधायक राकेश गिरी भी दो मर्तबा सत्ता-संगठन के लिए मुश्किल खड़ी कर चुके हैं।
बीते करीब एक साल से पार्टी के विधायकों ने लगातार सरकार को मुश्किल में डालने वाले मुद्दे उठाकर बयान दिए हैं। इनमें अजय विश्नोई मंत्रिमंडल में जगह न मिल पाने के बाद से लगातार तीखे तेवरों में हैं, तो नारायण त्रिपाठी अलग विंध्य प्रदेश की मांग को लेकर लगातार आक्रामक हुए हैं। त्रिपाठी तो साफ कह रहे हैं कि उपचुनावों में भाजपा को नुकसान होगा.
इधर राकेश गिरी स्थानीय राजनीति में पटरी नहीं बैठने के कारण नाराज हैं. हाल ही में वे अधिक मुखर हुए हैं। बिजली कटौती को लेकर गिरी ने अपनी ही प्रदेश सरकार को ऐसे जोरदार तरीके से घेरा कि सीएम शिवराजसिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष वीडी शर्मा ने भी तुरंत बयान जारी किए. ऐसी स्थितियों में उपचुनावों में भाजपा की राह आसान नहीं लगती.
तभी विंध्य से सपोर्ट
मैहर विधायक नारायण त्रिपाठी ने बयान दिया है कि बिजली कटौती की यही स्थिति रही तो उपचुनाव में भाजपा को नुकसान होगा। बिजली कटौती को लेकर अफसर झूठी जानकारी दे रहे हैं। उन्होंने साफ कहा है कि जो भी विंध्य प्रदेश की बात करेगा, उसे ही विंध्य से सपोर्ट मिलेगा।
उठा रहे समस्याएं
पाटन विधायक अजय विश्नोई मंत्रिमंडल में जगह न मिलने से नाराज रहे हैं। तब से समस्याओं को उठा रहे हैं। जबलपुर का प्रभारी मंत्री गोपाल भार्गव को बनाया, तो कहा कि सीएम के पास जबलपुर के लिए वक्त नहीं होगा। अब सिंचाई व पानी की समस्या को उठाया है।
मच गया था बवाल- टीकमगढ़ विधायक राकेश गिरी ने हाल ही में बिजली कटौती को लेकर सीएम को पत्र लिखा था। इसके बाद जमकर बवाल हुआ। राकेश ने जून 2021 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के नाम पर उनके समर्थकों द्वारा चंदा वसूली का आरोप लगाकर बवाल मचा दिया था।
Published on:
08 Sept 2021 03:35 pm
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