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Brain Stroke आने का ये है बड़ा कारण, इस तरह करें उपचार

मध्य प्रदेश में मानसिक तनाव से ग्रस्त लोगों सी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि, यहां लोग दिमाग से संबंधित समस्याओं से काफी ज्यादा ग्रस्त हैं।

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भोपाल/ मध्य प्रदेश में मानसिक तनाव से ग्रस्त लोगों सी संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। यही कारण है कि, यहां लोग दिमाग से संबंधित समस्याओं से काफी ज्यादा ग्रस्त हैं। इन समस्याओं के चलते लोगों में ब्रेन स्ट्रोक की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, मानसिक तनाव या गुस्सा, अल्कोहल के अत्यधिक सेवन और प्रदूषण, ब्रेन स्ट्रोक की बड़ी वजह बन रहा है। स्ट्रोक आने के बाद 70 फीसदी मरीज अपनी सुनने और देखने की क्षमता खो देते हैं। इनमें 30 फीसदी मरीजों को दूसरे लोगों के सहारे की जरूरत पड़ने लगती है।

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इसलिए बढ़ रही पीड़ितों की संख्या

दिल की बीमारी के पीड़ितों को लकवे की आशंका ज्यादा रहती है। प्रदेश में ब्रेन स्ट्रोक के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। प्रदेश के अस्पतालों द्वारा जारी रिकॉर्ड के आंकड़ों के अनुसार, कुछ साल पहले तक 60 साल के बाद स्ट्रोक के मरीज ज्यादा होते थे। लेकिन अब कम उम्र में भी ब्रेन स्टोक के मरीजों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। जानकारों की माने तो आज हर व्यक्ति टारगेट के पीछे भाग रहा है। कॉम्पिटीशन में बने रहने के लिए वो अपने ऊपर काम का इतना लोड ले रहा है, जिसके चलते वो अपने परिवार के लिए भी समय नहीं निकाल पा रहा है। इसके भी दो नुकसान हैं। एक तो वो सामाजिक तौर पर भी खुद को दूर करता जा रहा है, वहीं उसकी ये व्यस्तता पारिवारिक तनाव का कारण भी बन रही है।

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पुरुषों की तुलना में महिलाएं अधिक शिकार

यही कारण है कि, वो धीरे धीरे मानसिक तनाव के शिकार होते चले जा रहे हैं। उनका व्यवहार और भी चिड़चिड़ा और गुस्से वाला होता जाता है। तनाव, गुस्से और अल्कोहल के ज्यादा इस्तेमाल से आजकल युवाओं की बड़ी आबादी ब्रेन स्ट्रोक से पीडि़त हो रही है। हालांकि, ये भी चौंकाने वाली बात है कि, प्रदेश में पुरुषों की तुलना में महिलाएं ब्रेन स्ट्रोक की ज्यादा शिकार हो रही हैं। न्यूरो फिजिशियन डॉ. अमित मिश्रा के मुताबिक, बदलती दिनचर्या और वातावरण के कारण स्ट्रोक के मरीजों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

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स्ट्रोक के लिए बने कारण

- अनियमित दिनचर्या

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प्रदेश स्तर पर सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े

-20 मरीज औसत प्रतिदिन में स्ट्रोक से पीड़ित सामने आ रहे हैं।

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दिमाग तक रक्त पहुंचने में रुकावट

जब दिमाग तक रक्त पहुंचने में रुकावट आ जाती है। उस जगह की दिमागी कोशिकाएं मरने लगती हैं क्योंकि उन्हें काम करने के लिए जो ऑक्सीजन और पोषण मिलना चाहिए, वो उन्हें नहीं मिलता। इस स्थिति में शरीर का कोई भाग काम करना बंद कर देता है और कुछ समय के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। अचानक से शरीर में बहुत तेज दर्द होना। आंख के आगे कुछ पल के अंधेरा छा जाना, बोलने में कभी अचानक से लड़खड़ा जाना, सुबह जागने के बाद अचानक ऐसा लगे की हाथ काम नहीं कर रहा है, तो ये स्ट्रोक के लक्षण हैं।