
शिक्षक नौकर नहीं है निर्माता है, सीएम ने कहा आपके मान सम्मान में नहीं छोडूंगा कसर
भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा रविवार को प्रदेश में नवनियुक्त शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, इस भव्य आयोजन में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में शिक्षक उपस्थित हुए हैं। कार्यक्रम की शुरूआत मध्यप्रदेश गान के साथ की गई, इस अवसर पर सीएम द्वारा कन्याओं का पूजन भी किया गया, कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री ने संबोधित करते हुए शिक्षा का महत्व बताया, इस अवसर पर करीब १५ हजार शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें पढ़ाने के लिए विद्यालय की और विदा किया जाएगा।
ये भव्य कार्यक्रम दशहरा मैदान भोपाल पर आयोजित किया जा रहा है, ये कार्यक्रम स्कूल शिक्षा विभाग एवं जनजातीय कार्य विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में सीएम शिवराज सिंह चौहान मंच पर उपस्थित हैं, कार्यक्रम की शुरूआत में स्कूल शिक्षा मंत्री मध्यप्रदेश इंदर सिंह परमार द्वारा संबोधित किया जा रहा है, वे मानव जीवन में शिक्षका का महत्व बता रहे हैं, उन्होंने बताया कि हम अलग-अलग जिलों में भी प्रशिक्षण कर सकते थे, लेकिन ये सामुहिक आयोजन किया जा रहा है, ताकि समाज में सामुहिकता का भाव आए, एक शक्ति के रूप में एक संकल्प के रूप में ये कार्यक्रम किया जा रहा है, उन्होंने शिक्षक दिवस की शुभकमानाएं देते हुए कहा कि हम कैसे बच्चों को पढ़ाएंगे, शिक्षा नीति सीखने पर भी जोर दे रही है, ताकि बेहतर सीख कर बच्चों को अच्छे से पढ़ाया जा सके। हम विश्व गुरु भारत की नींव रखने जा रहे हैं। कार्यक्रम में जनजातीय कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह ने संबोधित करते हुए शिक्षकों को बधाई दी।
6 शिक्षकों को सौंपा नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम में सीएम शिवराज सिंह चौहान द्वारा प्रतीक स्वरूप करीब 6 टीचरों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, इस अवसर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आप सभी मेरे भांजे भांजियों के गुरु हैं, इसलिए गुरुओं को आदर, सम्मान और समाज में सम्मान रहे, सवाल उम्र का नहीं है, गुरु तो गुरु होता है, समाज उनका सम्मान करें, इसलिए मप्र का मुख्यमंत्री भी गुरूओं को प्रणाम करके कार्यक्रम की शुरूआत करेगा, बचपन से जब मैं पढ़ता था, मैं सरकारी स्कूल में अपने गांव में पढ़ता था, तब टाट पट्टी भी नहीं होती थी, तो टाट का कट्टा बिछाकर बैठते थे, हम स्कूल जाते थे, तो गुरूजी के पैरों पर सिर रखकर कहते थे प्रणाम गुरुजी, आज भी मैं गुरुजी को प्रणाम करता हूं। कुछ लोगों ने सवाल उठाए थे, जो बच्चों का भविष्य बनाने वाले हैं, क्या उनके निर्माताओं को मैं प्रणाम भी नहीं कर सकता हूं, आज पूरे आदर के साथ आपको बुलाया है, मैं मप्र के प्रथम सेवक के नाते वचन देता हूं, आपके मान सम्मान और आदर में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कार्यक्रम में सीएम ने और क्या क्या कहा आप पूरा जानने के लिए खबर के साथ जुड़े वीडियो को देख सकते हैं।
Updated on:
4 Sep 2022, 1:44 PM IST
Published on:
4 Sep 2022, 1:43 PM IST
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