हड़ताल के कारण फॉल्ट सुधार, मेंटेनेंस जैसे कई कामों पर असर पड़ेगा। बिजली कंपनियों द्वारा कर्मचारियों की मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिए जाने के कारण कर्मचारी संगठनों ने 1 नवंबर से असहयोग आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की थी. हड़ताल में करीब 29 हजार नियमित, 6 हजार संविदा और 35 हजार आउटसोर्स कर्मचारी भी शामिल होंगे।