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मध्यप्रदेश में धड़ल्ले हो रहा खाद्यान घोटाला : दिग्विजय सिंह

खाद्यान्न महाघोटाले की एसआईटी से हो जांच  
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भोपाल

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Arun Tiwari

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Updated: 20 Jul 2021, 1:01 PM IST

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भोपाल : पूर्व मुख्यमंत्री और सांसद दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया है कि प्रदेश में महाराशन घोटाला हो रहा है। दिग्विजय सिंह ने प्रेस कान्फ्रेंस कर कहा कि कोरोना काल के दौरान गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के करीब पौने पांच करोड़ लोगों को नि:शुल्क राशन वितरण में की गई अनियमितताओं की एसआईटी गठित कर या सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत इस अप्रैल, मई, जून और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में मई और जून का राशन दिया जाना था। इन पांच माहों के राशन वितरण में पूरे प्रदेश में महाराशन घोटाला सामने आ रहा है। दिग्विजय ने कहा कि राजधानी में सरकार की नाक के नीचे भोपाल जिले में हुए इस घोटाले की कुछ जनप्रतिनिधियों द्वारा पड़ताल की गई तो चैंकाने वाली जानकारी सामने आई है।

इसमें हितग्राही बयान दे रहे है कि उन्हें मिलने वाले राशन का आधा हिस्सा भी नहीं दिया गया है। आश्चर्यजनक यह है कि उचित मूल्य की दुकान पर काम करने वाले कर्मचारियों ने खाद्य सुरक्षा के पोर्टल पर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की एंट्री तो की है पर पूरा राशन नहीं दिया। इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा मिशन के हितग्राहियों की पोर्टल पर किसी भी तरह की एन्ट्री नहीं की गई है।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि माफिया से जुड़े लोगों ने 5 माह की जगह 2 से तीन माह का आधा-अधूरा राशन दिया। जिलों में दौरे के समय कई गरीब परिवारों ने मुझे इस घोटाले से अवगत कराया। जानकारी मिलने पर मैंने 10 अक्टूबर 2020 को मुख्यमंत्री को पत्र लिखते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। इस वर्ष भी गरीबों का राशन छीने जाने की सूचना मिलने पर मैंने 15 जून 2021 को फिर से मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की। दिग्विजय ने कहा कि गरीब लोगों से अंगूठा लगवाकर और हस्ताक्षर कराते हुए उन्हें 5 माह की जगह 2-3 माह का ही राशन दिया जा रहा है। दिग्विजय ने कहा कि दुर्भाग्य है कि प्रदेश के गरीबों के हक के अरबों रूपये के अनाज के वितरण में अनियमित्ता लगातार जारी है और शासन स्तर से कोई जांच नहीं की जा रही है। इस प्रेस कान्फ्रेंस में बैरसिया की ग्राम पंचायतों के लोगों ने भी राशन न मिलने की बात मीडिया के सामने रखी।