
Breaking : MP के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की तबीयत बिगड़ी, ब्रैन हेमरेज की आशंका
भोपाल। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मध्यप्रदेश की राजधानी में भाजपा के कद्दावर नेता व पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की शनिवार को अचानक तबियत खराब हो गई। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ऐसे समझें पूरा मामला...
मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम बाबूलाल गौर की तबीयत शनिवार को अचानक बिगड़ गई है। जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां उनकी जांच की जा रही है।
बताया जा रहा है कि ब्रेन हैमरेज की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है और अभी डॉक्टरों उनकी जांच में लगे हुए हैं।
वहीं गौर की तबियत खराब होने की बात सुनते ही कई नेता उन्हें देखने अस्पताल में जा पहुंचे हैं। वहीं अस्पताल में गौर से मिलने जल्द ही शिवराज के आने की भी सूचना आ रही है।
वहीं मुख्यमंत्री कमलनाथ जी ने अपने छिन्दवाड़ा दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री बाबुलाल ग़ौर की तबियत ख़राब की जानकारी मिलने पर तत्काल विधायक कृष्णा ग़ौर से मोबाइल पर चर्चा कर , बाबूलाल ग़ौर जी के स्वास्थ्य की जानकारी ली व हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। साथ ही उन्होंने गौर के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।
हमेशा सुर्खियों में रहने वाले बाबूलाल गौर 2 जून 1930 को उत्तरप्रदेश के प्रतापनगर जिला में पैदा हुए। बाबूलाल गौर का भाजपा के नेता के रूप में मध्यप्रदेश की राजनीति में प्रमुख स्थान रहा है। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक वे मप्र के मुख्यमंत्री रहे चुके हैं।
हमेशा रहते हैं चर्चाओं में...
भाजपा के दिग्गज नेता बाबूलाल गौर हमेशा ही चर्चाओं में रहते हैं। कभी अपने बयान से तो कभी अपनी कार्यशैली से...
अभी कुछ समय पहले ही उन्हें कांग्रेस की ओर से पार्टी में शामिल होने का आॅफर भी मिला था, लेकिन भाजपा में रह कर ही भाजपा की कमियों को बताने वाले गौर ने भाजपा को नहीं छोड़ा।
इससे पहले विधानसभा चुनाव के दौरान ही वे भाजपा से कुछ नाराज हुए थे, जिसके बाद कई नेताओं की ओर से उन्हें मनाया गया। इसी दौरान कांग्रेस की ओर से उन्हें कांग्रेस में शामिल होने का आॅफर दिया गया था। जिसका खुलासा भी स्वयं बाबूलाल गौर ने ही किया।
इससे पहले भी भाजपा की कमियों को लगातार सामने लाने के कारण वे हमेशा चर्चाओं में बने रहे। ऐसा नहीं कि वे केवल मध्यप्रदेश के ही नेता हो, बल्कि उनसे मुलाकात के बाद स्वयं पीएम मोदी भी उनकी तारिफ करने से नहीं चुके थे। अभी लोकसभा चुनावों को लेकर उन्हीं की ओर से सबसे पहले लोकल नेता की मांग भी भाजपा से की गई है।
Updated on:
06 Apr 2019 09:01 pm
Published on:
06 Apr 2019 08:38 pm
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