23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कांग्रेस में टिकट चाहिए तो फेसबुक पर 15000 लाइक्स, ट्वीटर पर 5000 फॉलोअर जरूरी

मध्यप्रदेश कांग्रेस ने जारी की गाइडलाइन
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Awasthi

•

Updated: 4 Sep 2018, 1:29 PM IST

inc

congress

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अब उन उम्मीदवारों को ही विधानसभा का टिकट देगी जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। इस संबंध में मध्यप्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर ने बाकायदा एक सर्कूलर जारी किया है। इसमें कहा गया है कि पार्टी उम्मीदवारों के चयन में सोशल मीडिया पर सक्रियता के आधार पर निर्णय लेगी।

एेसे में उम्मीदवारों के फेसबुक पर 15000 लाइक्स और ट्वीटर पर 5000 फॉलोअर्स होना अनिवार्य है। जो उम्मीदवार अभी सोशल मीडिया पर एक्टिव नहीं है उन्हें अपने फॉलोअर्स बनाने के लिए 15 सितम्बर तक का समय दिया है। इसका परीक्षण पार्टी स्वयं करेगी। प्रदेश कांग्रेस चाहती है कि पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर सक्रिय हों। यह कवायद इसी कड़ी का हिस्सा है। सभी को फेसबुक और ट्वीटर अकाउंट खोलने के लिए कहा गया है।

अब टिकट के दावेदारों को इसकी अनिवार्यता की गई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर के हस्ताक्षर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्रत्याशी चयन के पूर्व यह आंकलन भी किया जाएगा कि दावेदार का फेसबुक पेज है कि नहीं। उसके लाइक्स इत्यादि भी देखे जाएंगे। पदाधिकारियों, विधायकों के लिए भी अनिवार्य - प्रदेश कांग्रेस ने टिकट के दावेदारों के साथ पार्टी के पदाधिकारियों, मौजूदा विधायकों के लिए भी इसे अनिवार्य किया है।

उन्हें प्रदेश कांग्रेस के सभी ट्वीट को रिट्वीट और लाइक करना, प्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज के सभी पोस्ट को शेयर और लाइक करना जरूरी है। यह होगा दावेदारों के आंकलन का पैमाना फेसबुक पेज होना अनिवार्य। -

ट्वीटर अकाउंट होना जरूरी।

- व्हाट्सअप पर सक्रिय होना अनिवार्य।

- दावेदारों के पास बूथ के लोगों के व्हाट्सअप ग्रुप बने होना चाहिए।

- प्रदेश कांग्रेस के सभी ट्वीट को रिट्वीट और लाइक करना अनिवार्य।

- प्रदेश कांग्रेस के फेसबुक पेज के सभी पोस्ट को शेयर और लाइक करना भी जरूरी।

भाजपा से पीछे कांग्रेस का आईटी विभाग प्रदेश में भाजपा आईटी सेल से कांग्रेस का आईटी विभाग बहुत पीछे है। भाजपा आईटी सेल के संयोजक शिवराज डाबी का कहना है कि वो प्रदेश के सभी 65 हजार बूथ पर एक-एक साइबर योद्धा तैनात कर चुके हैं, जल्द ही पांच हजार साइबर योद्धाओं की तैनाती और की जा रही है।

वहीं कांग्रेस आईटी विभाग के अध्यक्ष अभय तिवारी का कहना है कि 30 हजार बूथ पर राजीव के सिपाही नियुक्त किए जा चुके हैं, इससे पहले आईटी विभाग के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र वाजपेयी ने बताया था कि उन्होंने 15 हजार राजीव के सिपाही तैयार कर लिए हैं जिनको ट्रेनिंग देकर बूथ पर नियुक्त किया जाएगा। आईटी विभाग की कमजोर परफॉर्मेंस से नाराज होकर हाल ही में कमलनाथ ने धर्मेंद्र वाजपेयी को हटाकर अभय तिवारी को विभाग का अध्यक्ष बना दिया।

सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने के पार्टी ने यह निर्देश दिए हैं। मौजूदा विधायकों, पदाधिकारियों, सहित टिकट के दावेदारों को भी इसका पालन करना अनिवार्य है।

चंद्रप्रभाष शेखर, संगठन प्रभारी मध्यप्रदेश कांग्रेस

इस बार का चुनाव स्थानीय मुद्दों पर लड़ा जाएगा। इसलिए पार्टी ने तय किया है कि सभी पदाधिकारी और उम्मीदवारों के लिए फेसबुक पेज और ट्विटर एकाउंट अनिवार्य किए गए हैं। इसके माध्यम से स्थानीय मुद्दे उठाना और जनता से फीड बैक लेना आसान होगा।

अभय तिवारी, अध्यक्ष सोशल मीडिया और आइटी सेल