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सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बढ़ी सुविधा, अब से बच्चे के इलाज के दौरान मां भी साथ रुकेगी

मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग बोले- अब हमीदिया में बच्चे के साथ मां भी रुक सकेगी, कोविड के लिए यहां की गई 912 बेड की व्यवस्था।
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भोपाल

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Mohammad Faiz Mubarak

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Updated: 30 Dec 2021, 6:14 PM IST

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सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में बढ़ी सुविधा, अब से बच्चे के इलाज के दौरान मां भी साथ रुकेगी

भोपाल. मध्य प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हमीदिया अस्पताल में आने वाले मरीजों को जल्द ही बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। अस्पताल में भर्ती होने वाले बच्चों के परिजनों को अब रुकने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। अब बच्चे के साथ उनकी मां को भी अस्पताल में रुकने की व्यवस्था की जाएगी। यही नहीं पीडियाट्रिक वार्ड की दीवारों पर कार्टून बनाए जाएंगे और पूरा वार्ड विभिन्‍न रंगों में तैयार किया जाएगा ताकि बच्चे परेशान न हों।

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को हमीदिया अस्पताल निरीक्षण कर बच्चों के साथ मां के रुकने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मंत्री सारंग अपने जन्मदिन के मौके पर अस्पताल पहुंचे और पौधरोपण भी किया। मंत्री ने बताया कि, कोविड के लिए अस्पताल में कुल 92 ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था की जा रही है। इनमें से 120 बेड श्वसन संस्थान में होंगे।

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परिजन से मरीज कर सकेंगे वीडियो कॉलिंग

मंत्री सारंग ने कॉलेज डीन को एक अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उस अधिकारी का नंबर सार्वजनिक करने को कहा। इस नंबर पर भर्ती मरीज वीडियो कॉलिंग से अपने परिजन से बात कर सेंकेंगे। सारंग ने ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन प्लांट आदि की टेस्टिंग रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए।

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प्रदेश के मेडिकल कालेजों में 12,577 बेड

प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में कूल 12 हजार 577 कोविड और नॉन कोविड बेड उपलब्ध हैं। इसमें भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज में1580, छिंदवाड़ा में 600, दतिया में 200, ग्वालियर में 1677, इंदौर में 2500, जबलपुर में 1369, खंडवा में 446, रतलाम में 750, रीवा में 1341, सागर में 750, शहडोल में 604, शिवपुरी में 300 और विदिशा मेडिकल कॉलेज में 460 बेड शामिल हैं।

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