
सिंधिया ने दिया सीएम शिवराज को विशेषाधिकार हनन का नोटिस
भोपाल। मध्यप्रदेश के गुुना जिले में लाल परेड ग्राउंड पर आयोजित विकास पर्व व किसान सम्मेलन के कार्यक्रम के आमंत्रण एवं लोकार्पण पट्टिका पर अपना नाम न लिखे जाने से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नाराज हैं। कांग्रेस सांसद और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शिवपुरी-गुना सड़क लोकार्पण में राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन द्वरा किए गए कृत्य के आधार पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के खिलाफ लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने हेतु लोकसभा की अध्यक्ष को निवेदन किया।
ज्योतिरादित्या सिंधिया ने बताया कि तत्कालीन UPA सरकार के समय ग्वालियर से देवास तक के आगरा बॉम्बे रोड़ को 4-लेन में परिवर्तित करने की 3500 करोड़ की योजना स्वीकृत की गई थी - 27 जून 2012 को तत्कालीन भूतल परिवहन राज्यमंत्री जितिन प्रसाद एवं सांसद सज्जन सिंह वर्मा की उपस्थिति में इसका भूमि पूजन सम्पन्न हुआ था।
किन्तु जब गत 23 जुलाई को गुना में मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी में इस राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास समारोह सम्पन्न हुआ तो क्षेत्र का निर्वाचित सांसद होने के बावजूद उन्हें इस कार्यक्रम से दूर रखा गया, आमंत्रण पत्र में नाम तक नही दिया दिया| जिस शिला पट्टिका में सिंधिया के नाम का उल्लेख था। उस को तोड़ के फेंक दिया गया व नए शिला पट्टिका को रातों रात तैयार कर लगाया गया।
शिवराज सरकार यहीं नहीं रुकी इस सरकार ने एक निर्वाचित विधायक को धक्के मार कर मंच से उतार दिया गया वह सब के सामने है। शिवराज सरकार और इनकी पूरी प्रशासनिक मशीनरी ने जिस तरह से प्रोटोकॉल को धता बताते हुए निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को अपमानित कर देवास-शिवपुरी राष्ट्रीय राजमार्ग का शिलान्यास किया है वो बेहद ही शर्मनाक है।
सिंधिया ने कहा कि उपरोक्त घटना में निर्धारित प्रोटोकॉल और नियमों का सीधा-सीधा उल्लंघन है| गुना-शिवपुरी की जनता का जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के नाते यह मेरे विशेष अधिकार का भी हनन है| इसलिए मैं शिवराज चौहान, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव ला रहा हूँ।
Updated on:
25 Jul 2018 04:53 pm
Published on:
25 Jul 2018 04:35 pm
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