
भोपाल। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार को कहा कि जबलपुर में गुरूनानक देव की स्मृति में गुरुनानक संग्रहालय व शोध संस्थान बनेगा। राज्य सरकार २० करोड़ रुपए देगी। इसके अलावा प्रदेश के छह प्रमुख सिख धार्मिक स्थलों को पर्यटन के लिए भी विकसित किया जाएगा। इसके लिए १२ करोड़ रुपए दिए जाएंगे। इंदौर में सिखों के महाराजा रणजीत सिंह की प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
उन्होंने यह बात शुक्रवार को मंत्रालय में गुरुनानक के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए गठित समिति की बैठक में दी। यहां मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समिति स्थाई रूप से काम करेगी। उन्होंने कहा कि हमारी मंशा है कि समिति सिर्फ प्रकाश पर्व के आयोजन मनाने तक सीमित न रहे बल्कि इसके बाद भी वे निरंतर सक्रियता से सिख समाज के बीच काम करती रहे। उन्होंने कहा कि समिति पूरे प्रदेश में निवास कर रहे सिख समाज के लोगों से निरंतर सम्पर्क करें और उनकी समस्याओं तथा सुझावों से सरकार को अवगत करवाएं। इसके आधार पर सरकार निर्णय लेगी।
विश्वविद्यालयों में बनेगी पीठ
प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में गुरुनानक देव के नाम पर पीठ की स्थापना की जाएगी। गुरु नानक देव की याद में खेलकूद प्रतियोगिताएँ आयोजित होगी। स्वास्थ्य शिविर लगाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने गौ-संरक्षण प्रोजेक्ट के लिए इटारसी में गौ-शाला निर्माण के लिए अपनी 1 एकड़ भूमि देने की घोषणा की।
सिख स्थलों के लिए दो-दो करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के भोपाल के टेकरी साहिब, इंदौर के इमली साहिब, बेटमा साहिब, ओंकारेश्वर स्थित गुरुद्वारा, उज्जैन का गुरुनानक घाट गुरुद्वारा एवं जबलपुर के ग्वारी घाट गुरुद्वारे में विकास कार्य एवं सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार 2-2 करोड़ रुपए देगी। इन्हें पर्यटन के लिए भी विकसित किया जाएगा। गुरुनानक देवजी के प्रकाश पर्व पर 12 नवम्बर को प्रदेश के प्रमुख शासकीय कार्यालयों में विद्युत सजावट और रोशनी की जाएगी। मंत्रालय और विधानसभा पर भी विद्युज सज्जा की जाएगी।
Updated on:
04 Nov 2019 10:17 am
Published on:
04 Nov 2019 10:17 am
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