6 नवंबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सोशल मीडिया पर आप बन सकते हैं लोगों के विलेन, जानिए कैसे

सोशल मीडिया फेसबुक यूज करने में रखें कई सारी सावधानियां...
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Astha Awasthi

•

Updated: 30 Nov 2017, 4:03 PM IST

social media

social media

भोपाल। सोशल मीडिया आज हमारी लाइफ स्टाइल का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। तेजी के साथ लोगों में अपनी धाक जमाने वाले सोशल मीडिया फेसबुक ने मंथली एक्टिव यूजर की संख्या में इजाफा किया है। ये आंकड़ा दो अरब के पार पहुंच चुका है। बात चाहे यंगस्टर्स की हो या ओल्ड ऐज की फेसबुक ने हर वर्ग को फ्रेंडली बना दिया है। चाहे वह देश और दुनिया की कोई खबरो हो या फिर दोस्तों के साथ जुड़े रहना, सब कुछ यहीं से होता है। एक स्टडी की मानें तो लोग 24 घंटे में 4 से लेकर 5 घंटे सोशल मीडिया पर बिताते हैं, वहीं जिन्हें इसकी लत लग जाती है वे 8 से 10 घंटे तक सोशल मीडिया पर बिताते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि सोशल मीडिया आपको जागरुक करने के साथ-साथ नेगेटिव भी बना सकता है। जी हां अगर आप दिल से किसी भी पोस्ट को पढ़ते या फिर उस पर रिएक्ट करते हैं तो सोशल मीडिया पर आप आसानी से बहक सकते हैं, लेकिन इन तरीकों से इससे आप खुद को बचा सकते हैं। जानिए क्या हैं वे तरीके....

इमेज पर पड़ सकता है असर

आज की तेज लाइफ स्टाइल में लोग खुद को व्यक्त करने के लिए लोग ऑप्शन खोजते हैं। सोशल मीडिया भी एक ऐसा ही ऑप्शन है लेकिन कुछ लोग इसे खुद पर हावी कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि जो मैं बोल रहा हूं उसे सब लोग पसंद कर रहे हैं लेकिन बिना तर्क के बिना सही जानकारी के ये खतरनाक साबित हो सकता है। वहीं दूसरी ओर एसोचैम के सर्वे में एक चौंकाने वाला तथ्‍य यह भी सामने आया है कि कई बच्‍चों के अभिभावक ही फेसबुक पर अकाउंट शुरू करने में उनकी मदद करते हैं। आंकड़े बताते हैं कि करीब 75 प्रतिशत अभिभावकों को यह मालूम होता है कि उनके बच्‍चे फेसबुक का इस्‍तेमाल कर रहे हैं। यही नहीं, इन अभिभावकों में से 82 प्रतिशत ने तो फेसबुक पर अकाउंट खोलने में बच्‍चों की मदद भी की। एसोचैम हेल्‍थ क‍मेटी के प्रमुख बी. के. राव का कहना है कि बच्‍चों को सोशल नेटवर्किंग साइट के इस्‍तेमाल का कम अनुभव होता है। ऐसे में इनके साइबर अपराधों का शिकार होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

हर पोस्ट पर न करें विश्वास

सोशल मीडिया की किसी भी पोस्ट पर आंख मूंद कर विश्वास न करें। किसी भी स्टोरी को देखने के बाद उसकी तह तक जाये बिना ही उसको सच न मानें। इस बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए कि फेसबुक पर डाली गई कोई भी सूचना सही या गलत दोनों हो सकती हैं। इसीलिए पहले ये समझें कि कहां से यह खबर या फिर सूचना आई है और कितनी सही है, उसके बाद ही अपना रिएक्शन दें।

बिना समझें न करें शेयर

आमतौर पर लोगों को नहीं पता होता है कि जिसे वह पढ़ रहे हैं या फिर जोश में आकर शेयर कर रहे हैं वह कंटेंट समाज पर क्या असर डालेगा। ध्यान रहे कि यह कंटेंट आपके कानों के लिए काफी अच्छा हो सकता है, लेकिन सोचें कि क्या यह किसी और के लिए उतना ही बुरा है। इसीलिए नेगेटिव कंटेंट हमेशा नेगेटिव नहीं दिखता है। इसे आपके सामने इस तरह से पेश किया जाता है कि आप भावनाओं में बहकर इसे जमकर शेयर करें। इस बात को ध्यान से समझें तब ही कुछ शेयर करें।

भावनाओं में न बहें

फेसबुक का इस्तेमाल खबरों और जानकारियों के लिए तो किया ही जा रहे है लेकिन उससे कहीं ज्यादा नफरत फैलाने के लिए किया जा रहा है। नकारात्मक तत्व यूजर्स को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं और अपनी बात को पूरी दुनिया तक फैलाते हैं लेकिन इसका अंदाजा सोशल मीडिया यूजर्स को नहीं लग पाता है। इसीलिए भावनाओं में न बहकर कुठ भी लाइक और शेयर न करें।