बुंदेलखंड में शूट हुई 'मास्साब' की कहानी एक ऐसे शिक्षक के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक गांव के सरकारी स्कूल को मॉडल स्कूल में तब्दील कर देता है। ये फिल्म उच्च आदर्शों वाले एक ऐसे नायक का खाका बुनती चली जाती है, जिसके लिए शिक्षा कमाई का जरिया नहीं बल्कि अंधेरा दूर करने का माध्यम है। देखते ही देखते स्कूल की चर्चा आस-पास के इलाकों में शुरू हो जाती है। फिल्म उस वक़्त मोड़ लेती है जब अपनी मेहनत से स्कूल की शक्ल बदल कर रख देने वाले शिक्षक को एक प्राइवेट स्कूल में आकर पढ़ाने का ऑफर मिलता है। शिक्षक इस ऑफर को ठुकरा देता है।