
pandit ji
भोपाल। शास्त्रों में मां दुर्गा के नौ रूपों को बताया गया है। नवरात्रि के समय देवी के इन स्वरूपों की पूजा विशेष रूप से की जाती है। नवरात्रि के नौ दिन लगातार माता पूजन चलता है। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि इस दौरान मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। पंडित जी बताते है कि इस बार के शारदीय नवरात्रि कई सालों के बाद अष्टमी एक बेहद शुभ संयोग लेकर आया है। ये ग्रह संयोग बेहद विशेष हैं और पंचांग के मुताबिक इन दिनों में उपासना करने का फल अभूतपूर्व साबित होगा। वहीं पंडित जी ये भी बताते है कि अगर आप इस नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते है तो अपने घर में इस दिशा में भूलकर भी ना रखें माता रानी की प्रतिमा न रखें। जानिए कौन सी हैं वो दिशा....
इस दिशा में लगाएं प्रतिमा
नवरात्रि के दौरान आपके घर में माता की जितनी भी तस्वीर हैं सब में फूल माला पहनना चाहिए.। कुछ लोग नवरात्रि में माता कि मूर्ति की स्थापना भी करते हैं। वहीँ कुछ पहले से घर में रखी तस्वीर या प्रतिमा को पुनः स्थापित कर उसी की पूजा करते हैं। हमेशा इस बात का विशेष ध्यान रखें कि माता रानी की तस्वीर या प्रतिमा को घर की पूर्व और उत्तर दिशा सबसे अधिक शुभ होती हैं। इन दोनों ही दिशाओं में सबसे अधिक सकारात्मक उर्जा पाई जाती हैं, जिसकी वजह से इस दिशा में माता को रखकर पूजा करना शुभ हो जाता हैं। पंडित जी बताते है कि प्रतिमा को घर के जिस स्थान पर रखते हैं उसका बहुत महत्त्व होता हैं। इसीलिए हमेशा पूर्व और उत्तर दिशा में ही प्रतिमा को रखें।
इस दिशा में न लगाएं प्रतिमा
पंडित जी बताते है कि घर में कभी भी दक्षिण दिशा में भूलकर भी माता रानी की तस्वीर नहीं रखना चाहिए। ऐसा मानना है कि दक्षिण दिशा मेंदिशा में सबसे ज्यादा नकारात्मक उर्जा रहती हैं। ऐसे में जब आप माता रानी को इस दिशा में स्थापित करते हैं तो आपके द्वारा की गई पूजा पाठ का फल नहीं मिलता। इसीलिए दक्षिण दिशा में किसी भी भगवान की तस्वीर रखने से बचना चाहिए।
Updated on:
16 Oct 2018, 3:57 PM IST
Published on:
16 Oct 2018, 3:57 PM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.