
भोपाल। मध्यप्रदेश फिर उपचुनाव के मुहाने पर खड़ा है। सत्ता और विपक्ष दोनों की परीक्षा है। इससे ठीक पहले हुए दमोह उपचुनाव में पूरी ताकत झोंकने के बाद भी सत्ता पक्ष को हार झेलना पड़ी थी। इसी से भाजपा सचेत है। कांग्रेस पार्टी देशभर में अपनी बिखरी छवि को समेटते हुए चुनावी मैदान में कूद रही है। उसके लिए भी राह आसान नहीं है।
आंकड़ों की बात करें तो तीन विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा 26680 वोटों से पिछड़ी हुई है। वर्ष 2018 के चुनाव में आलीराजपुर जिले की जोबट और निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर सीट कांग्रेस ने जीती थीं, वहीं सतना जिले की रैगांव सीट पर भाजपा का कब्जा हुआ था। लोकसभा की बात करें तो खंडवा सीट पर कांग्रेस के अरुण यादव को भाजपा के नंदकुमार सिंह चौहान ने करीब पौने तीन लाख मतों से परास्त किया था। अब इस बार दोनों दल तैयारी तेज करते हुए अपना पक्ष मजबूत करने में जुट गए हैं।
जोबट (आलीराजपुर)
आदिवासी बहुल इस सीट की विधायक कलावती भूरिया का निधन 24 अप्रेल को हुआ। उन्होंने भाजपा के माधोसिंह डावर को परास्त किया। 2018 में कांग्रेस के बागी विशाल रावत ने कांग्रेस के वोटों में लंबी सेंध लगाई, फिर भी भाजपा जीत नहीं पाई। कांग्रेस अब कांतिलाल भूरिया के भरोसे है। इधर, अब कांग्रेस नेत्री व पूर्व मंत्री सुलोचना रावत और उनके पुत्र विशाल भाजपा में शामिल हो गए हैं। सुलोचना को भूरिया खेमे का विरोधी माना जाता है। 2018 के चुनाव में सुलोचना ने कलावती को टिकट देने का विरोध किया था। उनके पुत्र विशाल ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था, लेकिन हार गए थे।
खंडवा लोकसभा सीट
छह बार के सांसद नंदकुमार सिंह चौहान का इसी वर्ष मार्च में कोरोना से निधन हो गया। इस सीट पर अब तक हुए ७ बार भाजपा, ९ बार कांंग्रेस को जीत मिली। इस सीट पर दूसरी बार उपचुनाव हो रहा है। वर्ष १९७७ में लोकदल पार्टी के परमानंद ठाकुर दास जीते। असामायिक निधन पर १९७९ में उपचुनाव हुए, जिसमें भाजपा के कुशाभाऊ ठाकरे जीते।
नंदकुमार सिंह चौहान
भाजपा : 838909
नंदकुमार सिंह चौहान
कांग्रेस: 565566
अरुण यादव
जीत : 273343 भाजपा
कलावती भूरिया
कांग्रेस : 4667 कलावती भूरिया
भाजपा : 44011 माधोसिंह डावर
निर्दलीय: 31229 विशाल रावत
जीत : 2056 कांग्रेस
पृथ्वीपुर (निवाड़ी)
वर्ष 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई इस सीट पर काबिज रहे बृजेंद्र सिंह राठौर का 2 मई को निधन हुआ था। कांग्रेस ने उनके बेटे नितेंद्र सिंह को उम्मीदवार बनाया है। 2008 में बृजेंद्र ने भाजपा प्रत्याशी सुनील नायक को हराया था। हालांकि मतदान के दिन ही नायक पर फायरिंग हुई थी, जिसमें उनकी मौत हो गई। तब बृजेंद्र सिंह राठौर और उनके परिवार के अन्य सदस्यों पर हत्या का मामला दर्ज हुआ था। वर्ष 2013 में सुनील नायक की पत्नी अनिता ने बृजेंद्र सिंह को हरा दिया। भाजपा ने 2018 में अभय प्रताप सिंह को टिकट दिया, जो चौथे नंबर की पार्टी रही।
रैगांव (सतना)
अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित यह सीट भाजपा नेता जुगुल किशोर बागरी की परंपरागत सीट रही है। 10 मई को उनके निधन के बाद मैदान खाली है। 2008 में घोटाले का दाग लगने पर 2013 में टिकट कट गया था। तब बेटे पुष्पराज को बसपा की ऊषा चौधरी ने हरा दिया। 2018 में जुगुल ने कांग्रेस की कल्पना वर्मा को परास्त किया। ऊषा चौधरी अब कांग्रेस में हैं और टिकट की दावेदार हैं।कल्पना भी ताल ठोंक रही हैं। भाजपा जुगुल के परिवार से ही किसी को टिकट दे सकती है।
बृजेन्द्र राठौर
कांग्रेस : 52436
बृजेंद्र राठौर
सपा : 44816
डॉ. शिशुपाल यादव
बसपा : 30043
नंदराम कुशवाह
भाजपा : 10391
अभय प्रताप सिंह यादव
जीत : 7620 कांग्रेस
जुगल किशोर बागरी
भाजपा : 65910
जुगल किशोर बागरी
कांग्रेस : 48489
कल्पना वर्मा
बसपा : 16677
ऊषा चौधरी
जीत : 17421 भाजपा
इन मुद्दों पर आमने-सामने
Published on:
04 Oct 2021 02:17 pm
बड़ी खबरें
View Allभोपाल
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
