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MP election 2018: बाबूलाल गौर बोले-अभी दो दिन मौन रहूंगा, बाद में खोलूंगा पत्ते

भाजपा की कृष्णा गौर बोलीं-चुनाव तो गोविंदपुरा से ही लडूंगी,12 पार्षदों समेत समर्थक उतरे मैदान में,टिकट कटने का अंदेशा...
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भोपाल

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Deepesh Tiwari

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Updated: 4 Nov 2018, 8:47 AM IST

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MP election 2018: बाबूलाल गौर बोले-अभी दो दिन मौन रहूंगा, बाद में खोलूंगा पत्ते

भोपाल। गोविंदपुरा सीट पर भाजपा ने भले ही अब तक प्रत्याशी घोषित नहीं किया हो, लेकिन मौजूदा विधायक बाबूलाल गौर और उनकी पुत्रवधु कृष्णा गौर ने शनिवार शाम चौंकाने वाले बयान जारी कर दिए।

टिकट कटने की आशंका के चलते गौर बोले-'दो दिन तक कुछ नहीं बोलूंगा, इसके बाद पत्ते जरूर खोलूंगा। उन्होंने कहा कच्ची चीज खाने में मजा नहीं आता, जब तक पार्टी का निर्णय नहीं होगा, तब तक मैं कुछ नहीं कहूंगा।'

इधर, कृष्णा गौर ने कहा-'किसी भी कीमत पर चुनाव तो गोविंदपुरा से ही लडूंगी। मुझे पीड़ा है कि संगठन के लिए काम किया, फिर भी मुझे टिकट क्यों नहीं दिया जा रहा है? कई नेताओं के बच्चों को टिकट मिले हैं इसके उदाहरण भी मेरे पास हैं।'

मंदिर में विशेष पूजा: बाबूलाल गौर सुबह गुफा मंदिर पहुंचे। उन्होंने महंत चंद्रमा दास त्यागी के सान्निध्य में विशेष पूजा की। फिर गौर ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ से फोन पर बात की। दोपहर में गौर के बंगले पर कांग्रेस कोषाध्यक्ष गोविंद गोयल मिलने पहुंचे।

समर्थकों में आक्रोश: गोविंदपुरा सीट से वीडी शर्मा, आलोक शर्मा के नामों की चर्चा सुन शनिवार सुबह गौर समर्थक बरखेड़ा पठानी स्थित रविदास मंदिर में एकत्र हुए। सभी ने कहा कि 40 साल से भाजपा गोविंदपुरा से प्रत्याशी का नाम पहली सूची में ही जारी करती आई है।

इस बार बाबूलाल गौर या कृष्णा गौर नहीं तो बाहर का कोई नहीं। कृष्णा गौर ने समर्थकों को बंगले पर बुलाया।

गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के 12 पार्षद, मंडल अध्यक्ष जितेंद्र शुक्ला, संजय कुंवर, भीकम सिंह और शैतान सिंह लोधी सहित सभी महामंत्री और बूथ अध्यक्ष बंगले पहुंचे। कृष्णा गौर ने कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, पर वे हंगामा करते रहे।

दिनभर चली अदावत
- टिकट न मिलने पर कांग्रेस से नाराज संजीव सक्सेना ने दक्षिण पश्चिम से निर्दलीय चुनाव लडऩे का ऐलान किया है। सक्सेना पिछले चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में इसी सीट से चुनाव हारे थे।
- हुजूर से भाजपा के पूर्व विधायक जितेंद्र डागा के कांग्रेस में शामिल होने का मैसेज वायरल हुआ। डागा ने बाद में स्पष्ट किया- अभी तो मैं जहां हूं, वहीं ठीक हूं।
- पार्षद मनफूल श्याम मीणा, भगवानदास सबनानी ने भी रामेश्वर शर्मा को टिकट दिए जाने का विरोध किया।

- बैरसिया में विष्णु खत्री का भी विरोध हो रहा है।