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Mahakal temple : देश का भव्य मंदिर बनेगा महाकाल! ऐसा रहेगा स्वरूप

Mahakal temple : 300 करोड़ से विकसित होगा भव्य महाकाल मंदिर, मंत्रियों की त्रिस्तरीय समिति गठित, मंदिर की व्यवस्थाओं और सुविधाओं के विस्तार का काम दो साल की समय सीमा में पूरा होगा
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भोपाल

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KRISHNAKANT SHUKLA

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Updated: 18 Aug 2019, 11:44 AM IST

Mahakal Temple

देश का भव्य मंदिर बनेगा महाकाल! ऐसा रहेगा स्वरूप

भोपाल. भगवान महाकाल ( Mahakal Temple ) के दर्शन करने उज्जैन जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अब मंदिर को 300 करोड़ से विकसित किया जाएगा। शनिवार को मंत्रालय में हुई बैठक में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंदिर की व्यवस्थाओं और सुविधाओं के विस्तार का काम दो साल की समय सीमा में पूरा होगा और पूरे काम की मॉनीटरिंग मुख्य सचिव करेंगे।

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मुख्यमंत्री के निर्देश पर त्रिस्तरीय समिति भी गठित की गई है। इसमें उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, आध्यात्म मंत्री पीसी शर्मा एवं नगरीय विकास मंत्री जयवर्धन सिंह हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि विस्तार और व्यवस्था में सुधार के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि मंदिर के मूल स्वरूप के साथ कोई छेड़छाड़ न हो।

बैठक के दौरान महाकाल मंदिर एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसमें कलेक्टर की शक्तियां और बढ़ेंगी, विधायक मंदिर समिति के सदस्य होंगे और नियुक्ति के अधिकार सरकार के पास होंगे। इसे जल्द ही कैबिनेट की बैठक में चर्चा के लिए लाया जाएगा।

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मंत्रालय में हुई बैठक में कांग्रेस विधायकों का आरोप:

सीएम कमलनाथ बोले- दस्तावेज गलत हों तो अधिग्रहित करें जमीन, महाकाल मंदिर के पास की जमीन पर संघ से जुड़ी संस्था का कब्जा!

उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से लगी हुई जमीन पर संघ से जुड़ी संस्था को भाजपा सरकार ने गलत तरीके से जमीन आवंटित कर दी थी। इस पर भारत माता मंदिर और भक्त आवास बना है। नियम विरुद्ध तरीके से आवंटित हुई इस जमीन को सरकार अपने कब्जे में ले।

शनिवार को मंत्रालय में महाकाल मंदिर के विस्तार और व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर हुई बैठक में कांग्रेस विधायकों ने यह आरोप लगाए। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि जमीन के दस्तावेजों की जांच करें। यदि जमीन गलत तरीके से आवंटित हुई है तो इसे अधिग्रहित करें।

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उन्होंने उज्जैन के प्रभारी मंत्री सज्जन सिंह वर्मा से कहा कि वे इस मामले को देखें। इससे पहले विधायक मनोज चावला, मुरली मोरवाल व महेश परमार ने कहा, यह जमीन माधव सेवा न्यास को आवंटित है। यहां मंदिर, न्यास का दफ्तर, पार्किंग व भक्त निवास है।

बैठक के दौरान मंदिर परिसर में होने वाले विकास कार्यों को लेकर प्रजेंटेशन दिया गया। प्रस्ताव के मुताबिक, निर्माण के बाद मंदिर कुछ इस तरह दिखेगा।

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पहले भी हुए प्रयास

दिग्विजय सिंह के शासनकाल में 2003 में भी इस जमीन को अधिग्रहित किए जाने के प्रयास हुए थे, लेकिन सत्ता बदल गई। भाजपा सरकार में आई तो यहां विस्तार शुरू हो गया। भारत माता का भव्य मंदिर बन गया।
भस्म आरती में सबको मिले दर्शन: बैठक में तय किया गया कि महाकाल मंदिर में भस्म आरती के समय निर्धारित संख्या में भक्तों के बाद अन्य को न रोका जाए। इसे चलायमान रखें, ताकि सभी लोग दर्शन कर सकें।

विकास कार्यों में इस तरह खर्च होगी राशि

29.73 करोड़ खर्च - परिसर में मल्टी लेवल पार्किेग बनेगी। इसमें 750 कारें खड़ी हो सकेंगीं।
2.15 करोड़रु. में बनेगा नया प्रवेश एवं निकास द्वार
29.73 करोड़ खर्च - परिसर में मल्टी लेवल पार्किेग बनेगी। इसमें 750 कारें खड़ी हो सकेंगीं।
17 करोड़ खर्च - फ्रंट यार्ड डेवलपमेंट अन्न क्षेत्र और धर्मशाला 1500 लोगों के भोजन और 100 लोगों की व्यवस्था
12 करोड़ - छोटे रुद्र सागर का विकास 700 मी. का कॉरिडोर
नया विजिटर फेसिलिटी सेंटर 18.09 करोड़ में बनेगा।