
Danger of flood in Narmada river: मध्यप्रदेश में लगातार बारिश के बाद एक बार फिर नदियां उफान पर आ गई है। सबसे बड़ी नर्मदा नदी में तेजी से पानी बढ़ रहा है, यह खतरे के निशान की तरफ बढ़ रही है। इधर, एमपी के कई जिलों से खबर है कि भारी बारिश के कारण बांधों से पानी छोड़ा जा रहा है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए प्रदेश के तीन जिलों के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
जबलपुर क्षेत्र में हुई लगातार बारिश से बरगी बांध के 11 गेट मंगलवार शाम को खोल दिए गए हैं। इससे नर्मदा में तेजी से पानी बढ़ने लगा है। जबलपुर के बरगी डैम से पानी छोड़े जाने के बाद अब नर्मदापुरम जिले में खतरा बढ़ गया है। क्योंकि तवा डैम के भी गेट खुल गए हैं। इससे नर्मदा नदी खतरे के निशान की तरफ तेजी से बढ़ रही है। प्रशासन ने सभी जिलों को अलर्ट घोषित कर दिया है।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में इस बार मानसून ने अच्छी बारिश की है, सभी डैम पहले से ही लबालब हो गए हैं। ऐसे में थोड़ी ही बारिश आने पर उनका पानी छोड़ा जा रहा है। डैम का पानी छोड़ने से ऐसी स्थिति में नदी-नाले जल्दी उफान पर आ जाते हैं।
बरगी (bargi dam) के 11 गेट से 2690 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 10 सितंबर की शाम 6 बजे इसके गेट खोले गए थे, जो अब भी लगातार जारी है। इन गेटों को 12 फीट तक बढ़ाया गया है। गौरतलब है कि बरगी डैम का पानी नर्मदापुरम तक आने में करीब 26 घंटे लगते हैं। जबकि तवा डैम का पानी भी नर्मदापुरम तक पहुंचने में 6 से 8 घंटे लगते हैं। जबकि रायसेन जिले के बारना डैम से पानी भी छोड़ा जाता है तो नर्मदापुरम में ही मिल जाता है। ऐसी स्थिति में नर्मदा नदी में बाढ़ आ जाती है। फिलहाल नर्मदा नदी में आने वाले तीन-चार दिन खतरा बढ़ गया है।
narmadapuram flood alert: नर्मदापुरम से खबर है कि सेठानी घाट पर पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है। नर्मदा का जल स्तर लगातार बढ़ रहा है। तवा डैम के 7 गेट खोले, बरगी ने गेटों की ऊंचाई बढ़ाई लगातार हो रही बारिश से तवा बांध 98 प्रतिशत भर गया है। जल स्तर को नियंत्रित करने मंगलवार शाम बांध के सात गेट पांच फीट तक खोलकर 737 घनमीटर पानी छोड़ा जा रहा है। जबलपुर के बरगी डेम से भी रात लगभग दस बजे पूर्व से खुले 11 गेटों की ऊंचाई आठ फीट कर दी गई है। इससे नर्मदा का जल स्तर तेजी से बढ़ेगा। तवा बांध प्रबंधन के मुताबिक शाम 7.30 बजे बांध का जल स्तर 1165.40 फीट हो गया है।
बैतूल जिले के सारनी में एक सप्ताह बाद फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। रुक-रुककर बारिश होती रही। जिले (betul weather) में अभी तक 924 मिमी बारिश दर्ज की गई है। भीमपुर ब्लॉक में 1177 मिमी पानी गिर गया है। सारनी में मंगलवार सुबह फिर एक बार तेज बारिश हुई, जिसके चलते नदी नाले उफान पर आ गए। सतपुड़ा में पानी की आवक बढ़ गई। जिसके चलते सतपुड़ा बांध (satpura dam sarni) के 14 में से 5 गेटों को 1-1 फीट तक खोलकर पानी छोड़ा गया। जिसके बाद सुबह 9.30 बजे गेटों की संख्या बढ़ाकर 7 कर दी गई। जिससे तवा नदी में 12755 क्यूसेक पानी छोड़ा।
मंडला से खबर आ रही है कि मंगलवार की मुसलाधार बारिश से बुधवार को सुबह नर्मदा और बंजर नदी का जल स्तर बढ़ गया। छोटे पुल से पांच फीट ऊपर पानी बह रहा है। मंगलवार रात से ही महाराजपुर पेटेगांव के बीच बंजर नदी में पड़ने वाला पुल डूब गया है। बुधवार की सुबह भी पुल से आवागमन बंद रहा।
मंडला के हिरदे नगर चौकी क्षेत्र से खबर है कि बंजर नदी में बाढ़ के कारण एक मंदिर में युवक फंस गया। ईंट भट्टे में काम करने वाला मजदूर नंदकुमार पिता रघनु निवासी सर्रा पानी बढ़ने के बाद घर से निकल कर पेड़ पर चढ़ गया। पेड़ में ही पूरी रात काटनी पड़ी। सुबह लोंगो ने एसडीईआरएफ की टीम को सूचना दी। टीम ने रेस्क्यू कर नंद कुमार को सुरक्षित निकाल लिया है।
छतरपुर जिले में भी लगातार बारिश से बाढ़ के हालात है। ताजा मामला बम्हौरी ग्राम पंचायत का है, यहां निचले इलाकों में पानी भर गया है। बाढ़ के कारण एक दर्जन घर पानी में डूब गए हैं। लोगों का जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कई लोग अब भी घरों में फंस गए हैं, उन्हें निकालने के लिए एसडीआरएफ की टीम आई है। बक्सवाहा थाना क्षेत्र अंतर्गत बम्होरी से शाहगंज रोड पर डॉक्टर खरे की पुलिया के पास तेज बारिश के कारण हुए जल भराव से लगभग एक दर्जन घर हुए पानी से भर गए हैं। पुलिस, प्रशासन व एसडीइआरएफ (sderf) की टीम मौके पर पहुंच गई है। बाढ़ में फंसे लगभग 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। थाना प्रभारी बकस्वाहा कृपाल सिंह मार्को व तहसीलदार भारत पांडे व पुलिस बल नजर बनाए हुए हैं।
sehore weather alert: सीहोर क्षेत्र में नया सिस्टम एक्टिव होने से सितंबर महीने के दूसरे सप्ताह में एक बार फिर से बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। मंगलवार को जिले के आष्टा सहित कई स्थानों पर दिन में झमाझम बारिश हुई। इससे निचले स्थान पर जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को परेशानी हुई। भू-अभिलेख शाखा के अनुसार जिले में पिछले 24 घंटे में मंगलवार सुबह 8 बजे तक की स्थिति में 12.7 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है। जिसे मिलाकर एक जून से अब तक औसत बारिश का आंकड़ा 997.4 मिलीमीटर हो गया है। अब कुल औसत बारिश 1148.4 का कोटा पूरा होने में 151 मिलीमीटर बारिश की और जरूरत है। हालांकि अभी बारिश मौसम के 19 दिन शेष बचे हैं, जिससे यह कोटा आसानी से पूरा होने का अनुमान है। न्यूनतम, अधिकतम तापमान के अधिक रहने से बारिश के मौसम में भी लोगों को गर्मी, उमस से निजात नहीं मिल रही है।
मंगलवार को न्यूनतम तापमान 23.5 और अधिकतम 31.5 डिग्री सेल्सियस रेकॉर्ड हुआ है। दिन में तेज बारिश भी हुई, लेकिन लोगों को दिनभर गर्मी, उमस से परेशान होना पड़ा। इससे राहत पाने कूलर, पंखों का सहारा लिया। कैसा रहेगा आगे मौसम मौसम विभाग की माने तो अगले पांच दिन भारी से अति भारी बारिश होने का पूर्वानुमान बना हुआ है। इस दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बारिश होने पर नदी, नालों, बांध पर नहीं जाने का कहा गया है, जिससे कि कोई हादसा घटित नहीं हो।
तहसील अब तक
सीहोर 1084.5
श्यामपुर 939.0
आष्टा 917.0
जावर 689.0
इछावर 1232.5
तहसील अब तक
भैरुदा 880.7
बुदनी 1116.5
रेहटी 1119.8
(बारिश भू अभिलेख शाखा के अनुसार मिलीमीटर में है।)
विदिशा जिले के बांधों के कैचमेंट एरिया में बारिश और अधिक जलभराव (vidisha weather update) जाने से बांधों के जलस्तर में लगातार इजाफा हो रहा है। इसी के चलते हलाली बांध और संजय सागर बांध के गेट खोलने पड़े हैं। सम्राट अशोक सागर (हलाली डैम) के कार्यपालन यंत्री रमेश चौहान ने बताया कि हलाली में शत प्रतिशत जल भराव हो जाने पर जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए मंगलवार की दोपहर 12 बजे बांध के तीन गेट आधा मीटर खोले गए, जिससे लगभग 131 क्यूमेक्स पानी डिस्चार्ज होगा। आवश्यकता पडऩे पर गेटों की ऊंचाई और अधिक बढ़ाई जा सकती है। कार्यपालन यंत्री चौहान ने बताया कि हलाली डैम के गेट खोले जाने की सूचनाएं जल बहाव क्षेत्रों के ग्रामों में मुनादी के माध्यम से दे दी गई है। इसी तरह संजय सागर बाहय परियोजना की कार्यपालन यंत्री प्रियंका भण्डारी ने बताया कि संजय सागर बाहय डैम केचमेंट क्षेत्र में हो रही वर्षा के कारण जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इससे गेट खोले जाने की परिस्थितियां बनी हैं। संजय सागर बाहय डेम के दो गेट 0.60 ऊंचाई तक मंगलवार की शाम को खोल दिए गए।
रायसेन से खबर है कि लंबे समय बाद जिले में जोरदार बारिश (raisen weather update) हुई। जिससे लोगों को खासी राहत मिली। विशेषकर फसलों की ङ्क्षचता में डूबे किसान खुश हो गए। कई दिनों से जिले में जोरदार बारिश नहीं हुई थी, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी, उमस और बढ़ते तापमान का असर फसलों के साथ लोगों की सेहत पर असर पड़ रहा था। अभी तक जिले में बारिश का कोटा औसत बारिश से दूर है। अभी तक जिले में 1067.1 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई है।
सोमवार रात भी जिले के कुछ हिस्सों में बारिश हुई थी। अभी तक रायसेन में 1080 मिलीमीटर, गैरतगंज में 1008.7, बेगमगंज में 1046.3, सिलवानी में 991.4, गौहरगंज में 818.6, बरेली में 1480.8, उदयपुरा में 1266.1, बाड़ी में 1077.5, सुल्तानपुर में 939.9 तथा देवरी में 961.4 मिमी बारिश हुई है। सोमवार सुबह से मंगलवार सुबह तक जिले में 9.2 मिलीमीटर औसत बारिश दर्ज की गई। इस दौरान गैरतगंज में 56 मिमी, बेगमगंज में 14.1, सिलवानी में 1.4, सुल्तानपुर में 1.1 तथा देवरी में 12.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
राजगढ़ जिले (rajgarh weather) के ब्यावरा क्षेत्र में गरज-चमक के साथ तेज बारिश का दौर शुरू हो गया है। मंगलवार शाम साढ़े पांच बजे ही अंधेरा छा गया। करीब दो घंटे की तेज बारिश से सड़कें जल मग्न हो गईं। साथ ही कई नीचले हिस्सों में पानी भर गया। बारिश की रफ्तार काफी तेज थी। जिससे नालों, नदियों में भी अचानक पानी भर गया। गली-मोहल्लों में कीचड़ मच गया। हालांकि जिलेभर में इसका असर रहा कहीं ज्यादा तो कहीं कम और सामान्य बारिश होती रही लेकिन ब्यावरा में यह बारिश काफी तेज रही। बता दें कि बीते 24 घंटे में 5 मिमी बारिश हुई है और जिले में अभी तक 1037.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है।
वहीं, अकेले ब्यावरा में आंकड़ा 1487.5 हो गया है। आधे घंटे की बारिश से सड़कें जलमग्न सुठालिया. नगर में मंगलवार को हुई करीब आधे घंटे की बारिश ने तमाम व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों सहित सभी वार्डों और जलभराव की स्थिति बनी। नगर में पानी निकासी के कोई व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण ही ऐसी स्थिति बनती है। न यहां ड्रैनेज सिस्टम है न ही ढंग की नालियां है। ऐसे में जब भी बारिश होती है ऐसी ही स्थिति बनती है। आधे घंटे की बारिश से पूरा शहर जलमग्न हो गया। गांधी चोक, वार्ड 6, 7 स्थित बाजार और वाल्मीकि मोहल्ला स्थित नगर के प्रमुख नाले पर भी अतिक्रमण हो गया है। लेकिन कोई ध्यान देने वाला नहीं है।
flood in shivpuri: इधर, शिवपुरी से खबर है कि मड़ीखेड़ा के चार गेट खोल दिए गए हैं। लगातार 680 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। पूरी रात से जहां शिवपुरी में बारिश हो रही है और सिंध के कैचमेंट में भी बारिश होने से डैम में पानी बढ़ गया। गेट आज सुबह 9 बजे खोले गए।
राजधानी भोपाल में भी दो दिन से आ रही बारिश के कारण तालाबों के गेट खोल दिए गए हैं। सभी डैम पहले ही पूरे भर चुके हैं, इसलिए थोड़ी ही बारिश में उसे खोला जा रहा है, जिसका असर नदी-नाले पर पड़ रहा है। भोपाल में बुधवार को सुबह से तेज बारिश जारी है। मंगलवार को हुई बारिश के बाद कई निचली बस्तियों में पानी भर गया था। मौसम विभाग ने भोपाल सहित कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
दमोह जिले के हटा में चल रहे गणेश उत्सव में उस समय व्यवधान आ गया, जब सुनार नदी में बाढ़ आ गई और गणेश उत्सव का पंडाल डूब गया। पंडाल को जैसे-तैसे बचाने का प्रयास किया जा रहा है। गौरतलब है कि हटा में लगातार बारिश से नदी उफान पर आ गई है। देखें वीडियो
Updated on:
11 Sept 2024 03:42 pm
Published on:
11 Sept 2024 10:37 am
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