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सौरभ शर्मा केस में कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस, जांच एजेंसियों और सरकार पर नेता प्रतिपक्ष का गंभीर आरोप

MP Congress PC on Saurabh Sharma Case : आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के केस में शनिवार को कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जांच एजेंसियों और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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Congress PC on Saurabh Sharma Case

Congress PC on Saurabh Sharma Case : आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियों के खिलाफ जारी ईडी की रिमांड कार्रवाई के बीच मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग मामले की कार्रवाई में जुटी जांच एजेंसियों के साथ साथ सरकार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। शनिवार को भोपाल में स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर सिंघार ने कहा- भ्रष्टाचार में शामिल नेताओँ और अफसरों को प्रदेश सरकार बचाने में जुटी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सौरभ शर्मा के केस में कई गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि, सरकार सौरभ को बचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि उसके घर मिले दस्तावेजों की जांच होना चाहिए। 40 दिन फरारी के दौरान वह कहां रहा? किसने मदद की? इसकी कोई जानकारी नहीं है, ये सच सामने आना चाहिए।

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'सौरभ शर्मा की कॉल डिटेल क्यों सार्वजनिक नहीं हुई'

मीडिया से चर्चा करते हुए सिंघार ने कहा- सौरभ शर्मा की कॉल डिटेल अबतक सार्वजनिक क्यों नहीं हुई है। कॉल डिटेल सामने आने के बाद कई अधिकारी और नेता बेनकाब होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि, परिवहन विभाग से एक केंद्रीय मंत्री को हर महीने 2 करोड़ रुपए जाते थे। उन्होंने मंत्री गोविंद राजपूत को घेरते हुए कहा कि राजपूत ने पूरे रैकेट को संभाला हुआ है। दशरथ पटेल और अलीम खान रिटायर्ड होने के बावजूद भ्रष्टाचार करते रहे। उनके अलावा संजय ढांडे, संजय श्रीवास्तव ने गोविंद सिंह के साथ मिलकर घोटाला किया।

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संपत्तियों पर बड़ा दावा

सिंघार ने कहा कि, एक साल में करीब डेढ़ हजार करोड़ की कमाई होती थी। हर महीने डेढ़ सौ करोड़ की कमाई की जाती थी। इसी से मंत्री गोविंद राजपूत ने साल 2019 से 2024 के बीच कई जमीनें खरीदीं। राजपूत ने पत्नी और बच्चों के नाम 400 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी। मंत्री राजपूत ने 200 करोड़ रुपए की प्रापर्टी अपनी सास और रिश्तेदारों के नाम पर ख़रीदी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में गोविंद राजपूत ने 134 करोड़ की संपत्ति का ब्योरा एफिडेविट में नहीं दिया।

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ये आरोप भी गंभीर

मंत्री राजपूत पर आरोप लगाते हुए सिंघार ने कहा कि राजपूत ने अपनी काली कमाई का खेला ज्ञान वीर समिति के नाम से किया है। वे जमीनें दान करा रहे हैं। इसके लिए एक समिति बनाई गई, जिसमें गोविंद सिंह ने पत्नी और बेटे को रखा। समिति को जमीन दान कराई गई, जो जमीन दान की गई वो भी गोविंद सिंह राजपूत के रिश्तेदारों की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की डिफेंस कॉलोनी में गोविंद सिंह राजपूत ने जमीनें खरीद रखी हैं। सिंघार ने ये भी कहा कि, सहारा की जमीन कमलेश बघेल के नाम पर कम कीमत में खरीदी गई हैं। इस दौरान सिंघार ने खरीदी गई प्रापर्टी के दस्तावेजों के रूप में रजिस्ट्री भी मीडिया के सामने रखी।