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भोपाल. देश को साफ रखने वाले स्वच्छ भारत मिशन में नागरिक जब तक सक्रिय नहीं होंगे, कोई सरकार मिलकर इस मिशन को पूरा नहीं कर पाएगी। शहरों को साफ रखने के लिए निगम के डंडे, जुर्माने से ज्यादा जरूरी नागरिकों का जागरूक होना है। यदि कोई आसपास के वातवरण को गंदा करता है तो उसे रोके नहीं मानता तो दोबारा टोके और फिर भी नहीं मानता तो नगर निगम के फ्री नंबर पर 18002330014 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। जिस दिन शहर में इस स्तर की जागरुकता आ जाएगी उसी दिन स्वच्छ भारत मिशन पूरा हो जाएगा। अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में आयोजित ट्रांसफार्मेटिव चेंज, सस्टेनेबल आउटकम्स सेमीनार में सरकार के आला अफसरों ने ये बातें कहीं।पूर्व मुख्य सचिव एवं महानिदेशक आर परशुराम और डायरेक्टर स्वच्छ भारत मिशन मनीष सिंह मौजूद रहे।
मानसिकता बदलना है बड़ी चुनौती
आर परशुराम ने कहा कि किसी भी सार्वजनिक कार्य में लोगों की सोच और मानसिकता बदलना बड़ी चुनौती होती है। इसमें जो सफल होता है, वही चेंज लीडर होता है। उन्होंने कहा कि परिणामों के साथ ही प्रक्रिया भी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि संस्थान अनेक विभागों की पब्लिक पॉलिसी के विश्लेषण के साथ ही कई क्षेत्रों में कार्य कर रहा है। चेंज लीडर के अनुभवों से हमें इन कार्यों में मदद मिलेगी।
सभी के सहयोग से इंदौर बना नंबर वन
संचालक स्वच्छ भारत मिशन एवं पूर्व नगर निगम आयुक्त इन्दौर मनीष सिंह ने कहा कि सभी वर्गों के सहयोग से इंदौर देश का पहले नंबर का स्वच्छ शहर बना। उन्होंने कहा कि 2015 में स्थितियां बिल्कुल प्रतिकूल थीं। महापौर, सभी जन-प्रतिनिधियों ने एक दिन अचानक एक साथ शहर को बिन फ्री, लिटर फ्री और डस्ट फ्री बनाने का संकल्प लिया। समर्पित को प्रोत्साहन, लापरवाह कर्मचारियों को दंडित किया गया।
एक लाख रुपए तक स्पॉट फाइन
सिंह ने बताया कि डोर-टू-डोर कचरे का कलेक्शन करवाकर उसका सेग्रीगेशन शुरू करवाया गया। सड़क पर कचरा फेंकने वालों से जुर्माना वसूला गया। 100 रुपए से लेकर एक लाख रुपए तक का स्पाट फाइन लगाया गया। बड़े-बड़े होटलों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। नगर निगम का स्वच्छता ऐप बनाया गया। हेल्पलाइन-311 में शिकायत मिलने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई। सफाई मित्रों और उनके परिजन का इलाज नि:शुल्क करवाया गया।
आप भी कर सकते हैं मदद
निगम के कंट्रोल कमांड सेंटर के टोल फ्री नं. 18002330014 पर कॉल करके आप भी गंदगी वाले स्थान की जानकारी दें। शिकायत दर्ज करने के दौरान कॉल करने वाले का नाम, वार्ड नं., मोबाइल नंबर दर्ज कर शिकायत नंबर प्रदान किया जाता है।
Published on:
05 May 2019 03:03 am
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