
भोपाल। राजधानी के आसपास बाघों की चहलकदमी सभी को आकर्षित करती रही है। कई सालों से कलियासोत से लेकर केरवा तक बाघ अक्सर नजर आ जाते हैं। अब यह क्षेत्र चारों तरफ से शहर में आ गया है। कलियासोत डैम के पास जंगल में बाघ अभी भी अपने क्षेत्र पर हक जताते हैं, मानो वे कहते हैं कि यह हमारा इलाका है यहां इंसान का कोई काम नहीं।
हम बाइक पर थे और सामने आ गया बाघ
शुक्रवार को पत्रिका के रिपोर्टर और फोटोजर्नलिस्ट जब शुक्रवार को कलियासोत डैम पर घड़ियाल और मगरमच्छ दिखने की सूचना पर पहुंचे थे। जब तालाब की लहरों में कहीं घड़ियाल या मगरमच्छ नजर नहीं आए तो कलियासोत के जंगलों की तरफ से गुजरने का प्लान बनाया। क्योंकि इसी इलाके में कुछ समय पहले ही बाघिन टी-123, 2 ने दो शावकों को जन्म दिया है और वह शावकों के साथ कलियासोत के जंगलों में मूवमेंट कर रही है। इस इलाके में में चैनल लिंक फेसिंग का काम पूरा नहीं होने के चलते बाघिन छोटी फेसिंग से अक्सर बाहर आ जाती है।
हम लगातार अलग-अलग समय पर इन जगहों पर पहुंचकर नजर रखे हुए थे। सात जुलाई को बाघिन के बाद से उसी रास्ते की तरफ कई बार गुजर चुके थे। लेकिन, बाघ नहीं नजर आए। दोनों साथियों ने एक स्कूल के रास्ते की तरफ मोटरसाइकिल मोड़ दी। हमने मोटरसाइकिल का इंजन बंद कर दिया और पांव से धीरे-धीरे गाड़ी लुढ़काने लगे। अचानक सामने एक बड़ी सी परछाई-सी महसूस हुई और जो सड़क को क्रास करते हुए नजर आई। जब तक आंखें ठहरती वह आकृति फेंसिंग के पास थी। हम अपने सामने करीब 20 फीट दूर किसी बाघ को जंगल में खुला देख रहे थे। उसने पांच फीट की फेसिंग को कूदकर आसानी से पार कर लिया था। (जैसा प्रवीण मालवीय ने बताया।)
दहशत में क्लिक हो गई तस्वीर :-:
मौत को इतनी करीब से देखने के बाद जब बाघ ने फेंसिंग को पार किया, तो हमें थोड़ी हिम्मत आ गई। कैमरा ऑन किया ही था कि बाघ ने पलटकर देखा तो हमारे हाथ रुक गए, लेकिन बगैर हिले-ढुले फोटो क्लिक कर ही लिया। खुले जंगल में उसकी एक अलग ही मस्तीभरी चाल थी, आंखों में चमक थी। ऐसी स्थिति में पाठकों के लिए फोटो खींचना अपने आप में अद्भुत अनुभव था। (जैसा अजय शर्मा ने बताया)
दो युवतियों ने भी देखा बाघ :-:
इसी रास्ते पर दो युवतियां जब कार से गुजर रही थी, तो पत्रिका के दोनों साथियों ने उन्हें दूर ही रुक जाने का इशारा किया। वे रुक गई, लेकिन हम वहीं खड़े थे, क्योंकि पास ही बाघ था। करीब तीन मिनटों में जब बाघ गुजर गया, तो युवतियों ने रोकने का कारण पूछा। जब हमने उन्हें बताया कि बाघ था तो वे भी उत्साहित हो उठी। इसके बाद दूर से जाते हुए इस बाघ को उन्होंने भी अपनी कार में से ही देख लिया।
Published on:
29 Aug 2020 12:11 pm
