सरकारी दफ्तरों में काम-काज की स्थिति किसी से छिपी नहीं है, लेकिन मंत्रियों, विधायकों के वेतनभत्तों की फाइल बुधवार और गुरुवार को हाथों हाथ चली। इसके लिए मंत्रालय, विधानसभा और राजभवन देर रात तक जागता रहा। देर शाम राजभवन खुलवाया गया, अफसर भी बुलाए गए, राज्यपाल ने भी रात में ही साइन किए। सभी औपचारिकताएं रात 12 बजे तक पूरी हुईं। बुधवार को कैबिनेट बैठक में वेतनभत्ते बढ़ाए जाने का प्रस्ताव आया, कैबिनेट ने इसे तीन मिनट में ओके कर दिया।