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Antarctica Glacier Melting: अंटार्कटिका में बर्फ के बीच उभरी विशाल खोपड़ी! NASA की तस्वीरों ने खोली ग्लेशियरों की बदलती कहानी

Climate Change Antarctica: अंटार्कटिका के बर्फीले विस्तार में कुदरत ने कुछ ऐसा रचा है, जिसे देखकर पहली नजर में यकीन करना मुश्किल है। NASA की तस्वीरों में नजर आ रही इस रहस्यमयी आकृति के पीछे छिपे हैं ऐसे संकेत, जो पृथ्वी के भविष्य को लेकर वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा सकते हैं।
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भारत

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Manoj Vashisth

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Updated: 1 Nov 2026, 12:24 PM IST

NASA Antarctic Skull Island, Antarctica Glacier Melting

Antarctica Glacier Melting: प्रकृति ने तराशी खोपड़ी, लेकिन तस्वीर में छिपी है जलवायु की चेतावनी (फोटो सोर्स:@science.nasa.gov)

Vega Island Satellite Images: अंतरिक्ष से ली गई एक तस्वीर ने अंटार्कटिका के दूरदराज इलाके को अचानक दुनिया के आकर्षण का केंद्र बना दिया है। बर्फ से ढका एक द्वीप देखने में इंसानी खोपड़ी जैसा नजर आ रहा है। कहीं चट्टान आंख का आकार बना रही है तो कहीं ग्लेशियर जबड़े की तरह दिखाई दे रहा है। लेकिन इस अनोखी प्राकृतिक आकृति के पीछे छिपा वैज्ञानिक संकेत कहीं अधिक गंभीर है। असामान्य गर्म सर्दी ने यहां की बर्फीली दुनिया की तस्वीर बदल दी है।

Antarctica Glacier Melting: एक नजर में खबर

  • NASA की अक्टूबर 2026 की सैटेलाइट तस्वीर में दिखा खोपड़ी जैसा प्राकृतिक आकार।
  • सामान्य से अधिक गर्म सर्दी के कारण ग्लेशियरों पर बर्फ की जगह खुली सतह दिखाई दी।
  • वैज्ञानिकों ने इसे अंटार्कटिका में लंबे समय से जारी हिमनदों के बदलाव से जोड़कर देखा है।

Climate Change Antarctica: प्रकृति ने तराशी खोपड़ी, लेकिन तस्वीर में छिपी है जलवायु की चेतावनी

अंटार्कटिका के वेडेल सागर में स्थित वेगा द्वीप (Vega Island) इन दिनों अपनी अनोखी बनावट के कारण चर्चा में है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA की ताजा सैटेलाइट तस्वीरों में द्वीप का एक हिस्सा विशाल इंसानी खोपड़ी जैसा दिखाई देता है। इसकी आंख जैसी आकृति एक चट्टानी पहाड़ी से बनी है, जबकि ग्लेशियर और बर्फ के बीच मौजूद भूगर्भीय संरचनाएं मुंह और जबड़े का भ्रम पैदा करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस प्राकृतिक आकृति का अधिक स्पष्ट होना सामान्य से ज्यादा गर्म सर्दी का नतीजा है।

NASA Earth Observatory ने 30 अक्टूबर 2026 को इस तस्वीर का विश्लेषण प्रकाशित किया। इसके लिए Landsat 9 उपग्रह पर लगे Operational Land Imager (OLI) से प्राप्त तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया। 22 मार्च 2025 और 10 अक्टूबर 2026 की तस्वीरों की तुलना करने पर द्वीप की सतह में बड़ा अंतर दिखाई देता है। पहली तस्वीर में मौसमी बर्फ ने अधिकांश हिस्से को सफेद चादर से ढक रखा था, जबकि दूसरी तस्वीर में कई जगह बर्फ हटने से धूसर और गहरे रंग की सतह सामने आ गई।

ग्लेशियर विशेषज्ञ ने बताई इसकी वजह

निकोल्स कॉलेज के ग्लेशियर विशेषज्ञ मॉरी पेल्टो ने NASA को बताया कि वर्ष 2026 की सर्दियों में सामान्य से अधिक तापमान, खासकर जून महीने की गर्मी, इस बदलाव की प्रमुख वजह रही। सर्दियों में नई बर्फ का कम जमना, तेज हवाओं से बर्फ का उड़ना और सीधे वाष्प में बदलना (Sublimation) भी इसके लिए जिम्मेदार रहे।

वैज्ञानिकों के अनुसार, सफेद बर्फ सूर्य की किरणों का बड़ा हिस्सा वापस अंतरिक्ष में परावर्तित कर देती है। इसके उलट गहरे रंग की खुली बर्फ अधिक सौर ऊर्जा सोखती है। इससे सतह का तापमान बढ़ सकता है और पिघलने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। यानी बर्फ जितनी अधिक उजागर होगी, उसके तेजी से पिघलने का खतरा उतना ही बढ़ेगा।

सालों से दर्ज हो रहा है बर्फ का नुकसान

वेगा द्वीप के ग्लेशियरों में बदलाव कोई नई घटना नहीं है। वर्ष 1982 के एक अध्ययन में यहां 29 ग्लेशियरों और चार प्रमुख आइस कैप का विवरण दर्ज किया गया था। डेविल्स बे ग्लेशियर की निगरानी 1998-99 के अंटार्कटिक ग्रीष्मकाल से की जा रही है। इस दौरान इसके कुल बर्फ द्रव्यमान में गिरावट दर्ज की गई है। अन्य ग्लेशियरों में भी बर्फ घटने और चट्टानी जमीन के अधिक दिखाई देने के संकेत मिले हैं।

इतिहास भी है इस द्वीप से जुड़ा

वेगा द्वीप का इतिहास भी कम रोमांचक नहीं है। 1901 से 1903 के स्वीडिश अंटार्कटिक अभियान के दौरान बर्फ में फंसे जहाज के कारण अभियान के सदस्य अलग-अलग समूहों में बंट गए थे। उन्हें कठिन परिस्थितियों में सर्दियां बितानी पड़ीं। वर्ष 1903 में केप वेल-मेट के पास दो समूहों का दोबारा मिलन हुआ और बाद में अर्जेंटीना के अभियान दल ने बचे हुए लोगों को बचाया।

अब NASA की तस्वीरों ने इस द्वीप को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, वैज्ञानिकों के लिए यह महज खोपड़ी जैसी आकृति नहीं, बल्कि बदलते तापमान, घटती बर्फ और अंटार्कटिका के भविष्य को समझने का महत्वपूर्ण संकेत है।