
गैस पीडि़तों की कॉलोनी में लोग अब कचरा, सीवेज लाइन से पीडि़त
-पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे गोद लिया था, 16 करोड़ का बजट भी दिया, इसका नाम जीवन ज्योति कॉलोनी रखा।
आज मल्टी स्टोरी के तीन-तीन मंजिला ब्लॉकों में पांच सेक्टरों में बटी इस कॉलोनी में गंदगी का अम्बार है। सडक़ और नालियों को मुख्य मार्ग की बनी हैं,लेकिन सभी ब्लॉकों के पीछे का हिस्सा कचरा घर बन चुका है। इतना ही नहीं सीवेज लाइने भी यहां की जर्जर हो चुकी है। चैम्बर कई जगह टूटने से गंदा पानी, कचरे में पनपते मच्छर और बदबू से लोग खासे परेशान है। यहां साफ-सफाई को लेकर बड़े स्वच्छता अभियान की जरुरत है।
-मकान भी दम तोड़ रहे
लोगों ने बताया कि कई मकानों की अंदर से भी हालात खराब हो चुकी है। छतें टपक रही है। छज्जे गिर रहे हैं। घरों के अंदर की दीवारों का प्लास्टर तक गिरने लगा है। इसके मेंटेनेंस और सफाई को लेकर कई बार रहवासी शिकायत कर चुके हैं,लेकिन अब कोई इस ओर ध्यान तक नहीं दे रहा है।
-कॉलोनी एक नजर
-मकानों की संख्या-2486
-रहवासियों की संख्या-करीब 12.5 हजार
-क्षेत्र पांच सेक्टरों में तीन मंजिला मल्टी स्टोरियों में बना है।
-समस्या-सभी ब्लॉक के पीछे का हिस्सा कचराघर बन चुका है। जिसकी सफाई तक नहीं होती है। सीवेज की लाइनें जगह-जगह से टूट चुकी है। चैम्बर भी कई जगह जर्जर पढ़े है। 2010 में सीवेज लाइन और अन्य विकास पर 16 करोड़ किए जा चुके खर्च, फिर भी हाल नहीं सुधरें।
-पूर्व मुख्यमंत्री ने इसे गोद लिया था
क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बताया कि गैस पीडि़तों की इस कॉलोनी को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसे कॉलोनी को गोद लेने के साथ 2010 में सीवेज लाइन,सडक़ के साथ मकानों के मेंटेनेंस के लिए 16 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत की थी। इस कॉलोनी को जीवन ज्योति कॉलोनी नाम दिया गया। उस समय ऑनन-फॉनन में विकास के बाद कॉलोनी को लाबारिश छोड़ दिया गया।
-भू-माफिया सक्रिय
स्थानीय लोगों ने बताया कि हाउसिंग बोर्ड द्वारा छोड़ी खाली जगह पर लोग कब्जाकर अपने नाम से रजिस्ट्रियां तक करवाकर बेच रहे हैं। यहां भू-माफिया सक्रिय होने से कई जगह लोगों ने कब्जाकर लिया है। जिससे कॉलोनी का स्वरुप ही बदलता जा रहा है।
सीवेज लाइन और उसके चैम्बरों के टूटने से पहले ही यहां समस्या थी। अब भी सीवेज लाइन की दिक्कत लाइन पर लोड बढऩे के कारण रहती है। जिसके चलते क्षेत्र में गंदगी बढ़ी हुई है।
-शेख उमर- रहवासी
स्वच्छता अभियान का प्रशासन द्वारा खूब डंका पीटा जाता है,लेकिन यहां घरों के पीछे बन गए कचराघरों को साफ नहीं किया जा रहा है। कचरों के ढेर के कारण शाम के समय यहां मच्छरों की भरमार रहती है।
-साजिद अली-रहवासी
मकानों की छतें, छज्जे, दीवारे तक जर्जर हो चुकी है। मल्टी आवास होने के कारण लोग अपने-अपने घरों को तो दुरुस्त कर लेते है। मल्टी का मेंटेनेंस तो जिम्मेदारों का करना चाहिए।
-अनिस सलमानी, रहवासी
पूर्व मुख्यमंत्री की गोद ली कॉलोनी में गंदगी की अम्बार है। पहले इसे गैस पीडि़त कॉलोनी कहां जाता था। अब सफाई के अभाव में इसे गंदगी पीडि़त कॉलोनी कहना उचित होगा।
-कमरुउद्दीन दाहौदी, रहवासी व समाजसेवी
Published on:
22 Mar 2024 06:50 pm
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