
तानसेन समारोह-2026 (Photo Source - Patrika)
Gwalior news: दिसंबर की सर्द हवाओं के बीच जब तानपुरे के तार झंकृत होंगे और रागों की स्वर लहरियां वातावरण में घुलेंगी, तब एक बार फिर एमपी का ग्वालियर शहर शास्त्रीय संगीत की दुनिया का केंद्र बनेगा। देश के प्रतिष्ठित शास्त्रीय संगीत आयोजनों में शामिल तानसेन समारोह-2026 का आयोजन 14 से 19 दिसंबर तक होगा। समारोह के 102वें वर्ष में देश-विदेश के नामचीन कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से संगीत रसिकों को सुरों की दुनिया में ले जाएंगे।
समारोह की गूंज सिर्फ ग्वालियर तक सीमित नहीं रहेगी। आयोजन पहले बेहट, बटेश्वर, शिवपुरी, ओरछा, रीवा और गुना में संगीत सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन आयोजनों के जरिए तानसेन समारोह की परंपरा और शास्त्रीय संगीत को प्रदेश के अलग-अलग शहरों तक पहुंचाने की कोशिश होगी। यानी मुख्य समारोह से पहले ही संगीत का माहौल तैयार होने लगेगा।
संस्कृति विभाग के कला पंचांग के अनुसार इस वर्ष तानसेन समारोह 14 से 19 दिसंबर तक होगा। यानी संगीत प्रेमियों को इस सुरमयी आयोजन का इंतजार खत्म होने में अब 83 दिन शेष हैं। मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी और मध्यप्रदेश संस्कृति परिषद के माध्यम से समारोह का आयोजन किया जाता है।
अकादमी के निदेशक प्रकाश सिंह के अनुसार कला पंचांग के मुताबिक ही इस वर्ष समारोह आयोजित किया जाएगा। आयोजन को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। समारोह से करीब एक महीने पहले व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज होगी। संभागीय आयुक्त की देखरेख में स्थानीय समिति की बैठक भी होगी, जिसमें आयोजन स्थल, कलाकारों और अन्य व्यवस्थाओं पर मंथन किया जाएगा।
तानसेन समारोह की तैयारियों के बीच ग्वालियर में महान संगीतज्ञ कृष्णराव शंकर पंडित की स्मृति में 24 और 25 सितंबर को दो दिवसीय संगीत समारोह भी आयोजित किया जा रहा है। पड़ाव स्थित तानसेन कला वीथिका में होने वाले इस आयोजन में देश-प्रदेश के ख्यात संगीतज्ञ प्रस्तुतियां देंगे। दोनों दिन कार्यक्रम शाम 7 बजे से शुरू होंगे और प्रवेश निःशुल्क रहेगा।
पहले दिन शंकर गंधर्व संगीत महाविद्यालय के कलाकार प्रशस्ति गायन प्रस्तुत करेंगे। इसके बाद देवास के भुवनेश कोमकली का गायन और वाराणसी की कमला शंकर का गिटार वादन होगा। दूसरे दिन मुंबई के ऋषिकेश मजूमदार बांसुरी वादन करेंगे, जबकि नई दिल्ली की मीता पण्डित गायन प्रस्तुत करेंगी। कृष्णराव शंकर पंडित ग्वालियर घराने की समृद्ध परंपरा के महत्वपूर्ण संगीतज्ञ रहे हैं। उनकी स्मृति में होने वाला यह आयोजन नई पीढ़ी को शास्त्रीय संगीत की विरासत से जोड़ने की एक कड़ी भी है।
Updated on:
23 Sept 2026 09:43 am
Published on:
23 Sept 2026 09:43 am
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